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27 जनवरी को हड़ताल पर जायेंगे देश भर के 8 लाख बैंककर्मी, ये है मांग...

देश के बैंकों में कार्यरत कर्मी अब सप्ताह में मात्र 5 कार्यदिवस की घोषणा की मांग कर रहे हैं. इस मांग को लेकर देश भर के कई एसोसिएशन ने 27 जनवरी को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है जिसके आलोक में गुरुवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस किया गया...

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27 जनवरी को हड़ताल पर जायेंगे देश भर के 8 लाख बैंककर्मी, ये है मांग...- फोटो : Darsh News

पटना: सप्ताह में पांच दिनों की ड्यूटी की मांग को लेकर देश के विभिन्न बैंकों के कर्मी आगामी 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। इस हड़ताल में देश भर के करीब 8 लाख कर्मचारी शामिल होंगे जिसे लेकर गुरुवार को राजधानी पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर राजधानी पटना में कई बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपनी मांग रखी और कहा कि हम अपनी मांगों को लेकर आगामी 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। इस हड़ताल में देश भर के सार्वजनिक, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के साथ ही सहकारी बैंक के कर्मी भी शामिल होंगे।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य ने कहा कि हमारी मुख्य मांग है 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार के अतिरिक्त अन्य शनिवार को भी अवकाश घोषित किया जाये। यह मांग भारतीय बैंक संघ (IBA) और UFBU के बीच 7 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन तथा 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट/जॉइंट नोट में की गई सिफारिशों के अनुरूप है। UFBU ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट के समय यह आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने के विषय पर विचार किया जाएगा। इसके बाद 2022 एवं 2023 में सरकार, IBA और UFBU के बीच हुई चर्चाओं में यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन कार्य समय में 40 मिनट की वृद्धि कर सभी शनिवारों को अवकाश दिया जाएगा। 

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यह प्रस्ताव विधिवत सरकार को भेजा गया, किंतु पिछले दो वर्षों से सरकार की स्वीकृति लंबित है। सरकार से कोई ठोस निर्णय न मिलने के कारण UFBU ने पहले 24 और 25 मार्च 2025 को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी, जिसे सरकार के “विषय विचाराधीन है” के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद अब तक स्वीकृति न मिलने से बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी स्वयं को ठगा और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। UFBU ने यह भी उल्लेख किया कि RBI, LIC, GIC, केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालय, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट तथा विदेशी मुद्रा लेन-देन संस्थान पहले से ही सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। 

बैंकों में भी पहले से दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है, साथ ही डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल व इंटरनेट बैंकिंग जैसे वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध होने के कारण ग्राहकों को विशेष असुविधा होने की संभावना नहीं है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने कहा कि केवल बैंक कर्मियों के साथ किए जा रहे इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण ही 27 जनवरी 2026 की हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है। UFBU ने बैंक ग्राहकों से अपील की है कि हड़ताल के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा के लिए वे सहयोग और समझदारी बनाए।

UFBU में ये एसोसिएशन शामिल हैं

  • ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन (AIBEA),
  • ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC),
  • नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयीज़ (NCBE),
  • ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA),
  • बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI),
  • इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन (INBEF),
  • इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC),
  • नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) एवं
  • नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO)

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