कृषि निर्यात में बिहार की ऐतिहासिक छलांग, 2 मीट्रिक टन मिथिला मखाना दुबई रवाना। विकसित बिहार की ओर मजबूत कदम: अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा जीआई-टैग मखाना। अब किसान उत्पादक संगठनों और कृषि उद्यमियों को नए बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे
पटना: पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना को समुद्री मार्ग से पूर्णिया जिला से दुबई के लिए सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। 2 मीट्रिक टन की यह ऐतिहासिक खेप बुधवार 21 जनवरी को भेजी गई है। यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, बिहार सरकार तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), पटना के सहयोग से हुआ। मिथिला मखाना, जिसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है, बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक एवं पोषक कृषि उत्पाद है। समुद्री मार्ग से इसका सफल निर्यात यह दर्शाता है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो चुका है।
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दुबई में मिथिला मखाना
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कृषि मंत्री ने कहा कि जीआई-टैग उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने और राज्य की वैश्विक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि, इस निर्यात से मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और कृषि उद्यमियों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे तथा भविष्य में बिहार से अन्य जीआई-टैग और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्यात बिहार के किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर सिद्ध होने वाला कदम है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित होने से मखाना उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में निरंतर एवं स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव डॉ बीरेंद्र प्रसाद यादव,एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव, विशेष सचिव-सह-निदेशक (कृषि विपणन) शैलेन्द्र कुमार, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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