नालंदा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा में एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर गरजा और एक खतरनाक मकान को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई से एक तरफ जहां स्थानीय लोग संतुष्ट दिखे तो दूसरी तरफ मकान मालिक ने रोष जताया। हालांकि उनकी एक भी नहीं चली और जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम की टीम ने तीन मंजिला मकान को जमींदोज कर दिया। मामला नालंदा के जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के आनंद मार्ग का है जहां लंबे समय से हादसे को आमंत्रण दे रहे एक मकान को शनिवार को जमींदोज कर दिया गया।
मामले में बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नाला निर्माण के लिए खनन के कारण मकान एक तरफ झुक गया था जिसके बाद किसी बड़े दुर्घटना की आशंका होने लगी थी। सुरक्षा कारणों से नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने मकान को तत्काल खाली करवा लिया था और मुआवजा की राशि निर्गत करते हुए मकान मालिक को पूरा मकान तोड़ कर पुनर्निर्माण करने की बात कही थी। नगर निगम ने एहतियातन मकान के उपरी दो मंजिल को आंशिक रूप से तोड़ भी दिया था लेकिन निर्देशों को नजरंदाज करते हुए मकान मालिक ने इसके ऊपर ही फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।
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मामले की जानकारी स्थानीय लोगों ने नगर निगम को दी जिसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की और पूरे मकान को जमींदोज कर दिया। इस दौरान मकान मालिक शशिकांत कुमार और उनके परिवार के लोगों ने नगर निगम पर जबरन कार्रवाई का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी मैनेजर त्रिपुरारी कुमार शरण ने बताया कि इस संबंध में पहले ही विभागीय आदेश जारी कर दिया गया था कि मकान को पूरी तरह से तोड़ कर फिर से बनाया जाये। इसके लिए मुआवजे की राशि भी दे दी गई थी लेकिन गृह स्वामी ने सभी निर्देशों को नजरंदाज कर खतरनाक मकान के ऊपर फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। यह मकान खतरनाक था और किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी इसलिए अब नगर निगम के सहयोग से इसे गिरा दिया गया है।
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नालंदा से मो महफूज आलम की रिपोर्ट