दरभंगा: दरभंगा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पूरे गांव पर ही एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। अब गिरफ्तारी की डर से गांव के पुरुष फरार हैं जबकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार कर भी लिया है। मामला सामने आने के बाद अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के सदस्य भी हतप्रभ हैं और पुलिस से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि एक मामूली विवाद को जातिवादी का रंग दे कर बड़ा रूप दे दिया गया।
मामला दरभंगा कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का है जहां मजदूरी के रूपये मांगने को लेकर शुरू हुए विवाद ने जातिवाद का रंग पकड़ा और फिर पहले मारपीट हुई तथा उसके बाद पूरे गांव के ब्राह्मणों के ऊपर एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करवा दी गई। मामले में घर में घुस कर गाली गलौज, मारपीट, तोड़फोड़, धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाये गए हैं। घटना के शुरुआती मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीण हेमकांत झा की बहन और बहनोई बाइक से जा रहे थे इसी दौरान कैलाश पासवान नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और हेमकांत झा के यहां बकाया दो लाख 47 हजार रूपये की मांग करने लगे। कैलाश पासवान के साथ उनके आसपास के लोगों ने भी दोनों को घेर लिया और कहा कि जब तक पैसे नहीं मिलेंगे जानें नहीं देंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहसबाजी हुई और मामला धक्का मुक्की और कहासुनी तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बीच बचाव भी किया लेकिन विवाद बढ़ता ही गया। मामले को लेकर पंचायत भी की गई लेकिन विवाद कम नहीं हुआ।
इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प भी हुई जिसमें कई लोग जख्मी हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने गांव के ब्राह्मण समुदाय के करीब 70 नामजद और 150 अज्ञात के विरुद्ध घर में घुस कर गाली गलौज, मारपीट, लूटपाट, धमकी देने समेत एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य लोग गिरफ्तारी की डर से फरार हो गए।
घटना को लेकर गांव में चर्चा तेज है कि मुकदमा सरासर गलत है और वैसे लोगों को के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज की गई है जो गांव में रहते ही नहीं है या फिर घटना के दिन या वक्त गांव में नहीं थे। वहीं मामले में बिरौल SDPO ने भी कहा कि रूपये के विवाद में झड़प हुई है जिसे जातीय रंग दे दिया गया है।अभी तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की छानबीन की जा रही है।
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