बिहार राजस्व विभाग का बड़ा आदेश: बिहार के अधिकारी-कर्मचारी अब नहीं कर सकते सोशल मीडिया पर नकारात्मक पोस्ट
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई आचार संहिता जारी कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवक किसी भी प्रकार की सरकारी नीतियों या कार्यक्रमों के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट, रील या किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर नकारात्मक टिप्पणी नहीं कर सकते।
प्रधान सचिव सीके अनिल ने पत्र जारी कर कहा है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी केंद्र या राज्य सरकार की नीति के खिलाफ गुमनाम, छद्मनाम या अपने नाम से किसी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर टिप्पणी करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। इसके साथ ही, किसी समाचार पत्र, रेडियो प्रसारण या अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंध बनाने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
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विभाग ने यह कदम भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान उत्पन्न हुए हालिया विवादों के मद्देनजर उठाया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से इस जनसंवाद अभियान की आलोचना और सोशल मीडिया पर नकारात्मक रील बनाने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विभाग ने स्पष्ट किया कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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इससे पहले, बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी अधिकारियों और कर्मियों को वर्दी में रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से रोक दिया था। कई मामलों में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। राजस्व विभाग का यह नया निर्देश राज्य में सरकारी सेवकों के आचरण को मजबूत और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से है। विभाग ने कहा है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और सरकारी नीतियों का पालन सुनिश्चित करें। इस नई आचार संहिता का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभाग कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।