UK के मंत्री पति के बिगड़े बोल तो विपक्ष ने भाजपा को लिया निशाने पर, बिहार BJP ने भी...
पटना: उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक और शर्मनाक बयान से राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। कांग्रेस और राजद ने इस बयान को महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करने वाला, अपमानजनक और खतरनाक मानसिकता का प्रतीक बताया है। मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि बयान देने वाले व्यक्ति की पत्नी स्वयं महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग की मंत्री हैं। दौलाघाट क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गिरधारी लाल साहू ने मंच से एक युवा कार्यकर्ता की उम्र और शादी को लेकर अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने कहा, तुम्हारी उम्र कितनी है बेटा? तुम तो नौजवान हो, शादी भी नहीं हुई। अभी तक तुम्हारे तीन-चार बच्चे हो जाने चाहिए थे। लड़की बिहार से ले आएंगे, वहां 20–25 हजार में मिल जाती है। चलो, हम तुम्हारी शादी करवा देते हैं।
विपक्ष भाजपा पर है हमलावर
इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस और राजद ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। महागठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी राजद ने कहा कि यह बयान महिलाओं के प्रति भाजपा की घटिया सोच को उजागर करता है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि कभी भाजपा के मंत्री महिलाओं को लेकर उलटी-सीधी बातें करते हैं, कभी महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ होता है और अब बिहार की महिलाओं को 20 से 25 हजार रुपये में बिकाऊ बताने की हद पार कर दी गई है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि बिहार की महिलाएं पूरी दुनिया में छठ मैया की उपासक के रूप में सम्मान पाती हैं, जबकि भाजपा के नेता संस्कारहीनता का खुलेआम प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के प्रति ऐसी मानसिकता उन्हें संघ के कार्यालयों से ही मिलती है।
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BJP ने भी की निंदा
बढ़ते आक्रोश के बीच भाजपा बिहार प्रदेश इकाई को भी सफाई देनी पड़ी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सिर्फ बिहार की महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज की गरिमा पर हमला है। महिलाओं को कीमत में तौलने वाली सोच बीमार मानसिकता की उपज है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएं सौदे की वस्तु नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक हैं, और इस तरह का बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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