26 हजार शिक्षक, कर्मचारियों का गुस्सा और रोहिंग्या मुद्दा… गिरिराज सिंह ने टीएमसी पर बोला बड़ा हमला
केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने पश्चिम बंगाल की All India Trinamool Congress (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता के बीच सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है और इसी कारण टीएमसी सरकार घबराई हुई है। गिरिराज सिंह ने कहा कि हाल ही में करीब 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द होने के मामले ने राज्य के लाखों युवाओं को प्रभावित किया है। इस फैसले से शिक्षकों और युवाओं में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि टीएमसी सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को अब तक सातवां वेतन आयोग भी लागू नहीं किया है, जिससे सरकारी कर्मियों में भी असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर Bharatiya Janata Party (भाजपा) की सरकार बंगाल में बनती है, तो शिक्षकों की बहाली की जाएगी और कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा।
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टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य रोहिंग्या मुसलमानों को संरक्षण देना बन गया है, जबकि आम जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। वहीं बिहार की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने Nishant Kumar के राजनीति में आने को लेकर कहा कि उन्हें सक्रिय राजनीति में आना चाहिए। सिंह ने कहा कि Nitish Kumar बिहार के ऐसे नेता हैं जिन्होंने दो दशकों तक विकास के एजेंडे पर काम किया और आज भी सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं।
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उन्होंने कहा कि निशांत कुमार के पक्ष में नीतीश कुमार का पूरा वोट बैंक खड़ा हो सकता है और जनता की भी यही इच्छा है कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं। गिरिराज सिंह के अनुसार, यह सही समय है जब निशांत कुमार को सत्ता की राजनीति में कदम रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब संतुष्ट हो जाएंगे, तब वे खुद तय करेंगे कि भविष्य में मुख्यमंत्री कौन होगा और मंत्रिमंडल में किसे जगह मिलेगी।