बिहार की जेलों मे बंद कैदी बन रहे डिजिटल एक्सपर्ट, राज्य सरकार की उपलब्धि पर बिहार को मिला...
पटना: बिहार के गृह विभाग के अधीन कार्यरत जेल और कारा सुधार सेवाओं को जेलों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सूबे की जेलों में कैदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने के साथ ही डिजिटल लिटरेसी और बंदी पुनर्वास कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है। नई दिल्ली में आयोजित 105वें स्कॉच बैठक के गवर्निंग विकसित भारत कार्यक्रम में इस पुरस्कार को देने की घोषणा की गई।
बिहार जेलों का डिजिटल कमाल
सूबे की काराओं में बंदियों को डिजिटल लिटरेसी एवं बंदी पुनर्वास के क्षेत्र में कारा एवं सुधार सेवाएं की तरफ से किए सराहनीय कार्यों के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है। इस अवॉर्ड समारोह में गृह सचिव, बिहार-सह-महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएं प्रणव कुमार को स्कॉच अवॉर्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कारा निरीक्षणालाय से बंदी कल्याण पदाधिकारी विनोद कुमार प्रभास्कर एवं प्रोबेशन पदाधिकारी ज्योत्स्ना सिंह भी मौजूद थी।
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जेल के बाद आईटी जॉब?
गौरतलब है कि समाज में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग एवं उससे जुड़े रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए राज्य के विभिन्न काराओं में बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने के लिए कंप्यूटर लैब बनाए किये गए हैं एवं बंदियों को एनआईएलआईटी (nilit) के माध्यम से विभिन्न कंप्यूटर कोर्स करा कर प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं, जिससे बंदियों को कारा मुक्ति के पश्चात कंप्यूटर से जुड़े रोजगार प्राप्त करने में सहायता होगी एवं वे समाज की मुख्य धारा में जुड़ पाएंगे।
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