अब बिहार के इंजीनियरिंग छात्र पढ़ सकेंगे विदेशी जर्नल्स, शिक्षा विभाग ने...
पटना: राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के किसी शैक्षणिक संस्थान की लाइब्रेरी की किताबों का मुफ्त अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और इनफ्लिबनेट (इंफॉर्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क) के बीच एक खास MOU (समझौता-पत्र) पर हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा को ज्ञान, शोध और नवाचार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करती रहती है। इनफ्लिबनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्र और शोधकर्ताओं को उच्च क्वालिटी की शैक्षणिक सामाग्री प्रदान कर सकेंगे। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को एक ही स्थान पर देश एवं विदेश के श्रेष्ट शैक्षणिक संस्थानों की सभी जरूरी सामाग्रियां आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। राज्य सरकार का उदेश्य तकनीकी शिक्षा को अधिक पारदर्शी, गुणवत्ता परक और अधिक छात्रों तक इसकी पहुंच वाला बनाना है।
छात्रों के लिए बनेगा गेम चेंजर
इस मौके पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को विश्वसनीय और अपडेट एकेडमिक एवं रिसर्च सामाग्री एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेगी। यह प्रोजेक्ट की क्वालिटी, थिसिस, सेमिनार और शोध कार्यों को अधिक समृद्ध एवं अपडेट करने में मददगार साबित होगा। छात्रों को किसी एक शैक्षणिक कार्य खासकर शोध से जुड़े कार्यों को संपन्न करने के लिए अनेक स्रोतों पर निर्भर रहने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेशकांत वर्मा ने कहा कि इनफ्लिबनेट के साथ समझौता होना एक उल्लेखनीय मील का पत्थर साबित होगा। इससे विश्वविद्यालय एवं इससे संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में शैक्षणिक और शोध के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय डिजिटिल एकेडमिक नेटवर्क से जुड़ सकेगा।
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गौरतलब है कि इनफ्लिबनेट गुजरात के गांधीनगर स्थित संस्थान है, जो सभी प्रमुख इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी को आपस में डिजिटल माध्यम से जोड़ता है। इसकी मदद से किसी संस्थान का कोई छात्र अपनी जरूरत के हिसाब से किसी दूसरे संस्थान की लाइब्रेरी में मौजूद शैक्षणिक सामाग्री को प्राप्त कर सकता है। छात्र इस लाइब्रेरी नेटवर्क का मुफ्त में उपयोग कर सकते हैं। इस एमओयू के बाद राज्य की सभी संबद्धता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र इस सेवा का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। इसमें शोध गंगा, शोध शुद्धि, वन नेशन वन सब्सक्रिप्सन जैसी कई सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के ई-जर्नल, ई-बुक समेत ऐसी अन्य सामाग्रियों तक आसानी से आसानी से पहुंच बना सकेंगे।
इस एमओयू पर बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप कुमार और इनफ्लिबनेट केंद्र के निदेशक प्रो. देविका पी मडाली ने किया। इस मौके पर विभाग के निदेशक अहमद महमूद, बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेशकांत वर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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