darsh news

LPG सप्लाई पर पटना प्रशासन की पैनी नजर! ब्लैकमार्केटिंग करने वालों पर कसा शिकंजा

Patna administration keeps a close watch on LPG supply

पटना जिले में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी पटना ने जिला-स्तरीय अधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और गैस सिलेंडर की ब्लैकमार्केटिंग, जमाखोरी या अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पूरे प्रशासनिक तंत्र को सतर्क और सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों द्वारा लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: Daily Horoscope: इन राशियों के लिए आज खुल सकते हैं सफलता के नए रास्ते

प्रशासन ने गैस सिलेंडर की जमाखोरी और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए प्रखंड स्तर पर 28 धावा दलों का गठन भी किया है। इन टीमों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। ये दल उपभोक्ताओं और नियंत्रण कक्ष से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

यह भी पढ़ें: CCTV चोरी का राज सुनकर पुलिस भी हैरान—पत्नी पर नजर रखने के लिए रची थी साजिश

इसके अलावा घरेलू एलपीजी गैस से जुड़ी शिकायतों के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है। उपभोक्ता सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक दूरभाष संख्या 0612-2219810 पर शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

Scan and join

darsh news whats app qr