आलोचनाओं का जवाब बल्ले से… संजू सैमसन की तूफानी पारी ने बदली तस्वीर, मैच के बाद हो हुए Emotional
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए करो या मरो मुकाबले में Sanju Samson ने ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। खराब फॉर्म को पीछे छोड़ते हुए सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक और जिम्मेदार पारी खेलकर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई और सेमीफाइनल का टिकट पक्का कराया। दबाव भरे इस मैच में भारत की शुरुआत लड़खड़ा गई थी और लगातार विकेट गिर रहे थे। ऐसे समय में सैमसन ने घबराने के बजाय संयम दिखाया। उन्होंने तेजी और समझदारी का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए साझेदारी पर ध्यान दिया और हर गेंद को उसके मेरिट पर खेला। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पलट दिया और विरोधी टीम पर दबाव बना दिया।

मैच खत्म होने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार लेते समय सैमसन भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम थीं। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना और ऐसे अहम मुकाबले में योगदान देना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने स्वीकार किया कि करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, कई बार खुद पर सवाल भी उठे, लेकिन उन्होंने कभी विश्वास नहीं खोया।

सैमसन ने यह भी बताया कि वह करीब एक दशक से भारतीय टीम के आसपास हैं। इस दौरान उन्होंने डगआउट से कई बड़े मैच देखे और दिग्गज खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा। उन्होंने खास तौर पर Virat Kohli और Rohit Sharma जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में मैच खत्म करने की कला उन्होंने उनसे ही सीखी।
पिछले मैच में आक्रामक शुरुआत की रणनीति अपनाने वाले सैमसन ने इस बार हालात के मुताबिक खुद को ढाला। उनका कहना था कि उन्होंने किसी खास रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचा, बस टीम की जरूरत के मुताबिक जिम्मेदारी निभाई। यह पारी उनके करियर के सबसे यादगार लम्हों में शामिल हो गई है।