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लकड़ी के तहखाने में छुपी थी तस्करी, कैमूर में शराब माफियाओं पर बड़ी चोट

The contraband was hidden in a wooden basement, a major blow

कैमूर:  कैमूर जिले में शराब तस्करी के खिलाफ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी और सख्त कार्रवाई कर तस्करों की कमर तोड़ दी है। मोहनियां चेक पोस्ट पर की गई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी को चुनौती देने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। स्कैनर तकनीक के सहारे पकड़ी गई यह खेप न सिर्फ तस्करों की चालाकी को उजागर करती है, बल्कि उत्पाद विभाग की सतर्कता और सक्रियता को भी दर्शाती है।

कैमूर में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक के तहखाने से 751 कार्टून शराब बरामद

कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र अंतर्गत जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 751 कार्टून विदेशी शराब बरामद की है। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा लगभग 6687 लीटर बताई जा रही है। इस शराब की अनुमानित कीमत यूपी के बाजार में 50 से 55 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि बिहार में इसकी ब्लैक मार्केटिंग कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

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उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि आगरा से पटना की ओर शराब की बड़ी खेप भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर दिल्ली–कोलकाता नेशनल हाईवे पर स्थित मोहनियां चेक पोस्ट पर सघन वाहन जांच शुरू की गई। इसी दौरान 12 चक्का ट्रक (नंबर NL03AA7534) को रोका गया। स्कैनर से जांच करने पर ट्रक में लकड़ी से बना एक गुप्त तहखाना पाया गया, जिसमें शराब छुपाकर रखी गई थी।

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कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक गंगाराम, पिता हलियाजी, निवासी छाड़ी (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्पाद विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब किसकी थी और इसे बिहार में किन स्थानों पर खपाने की योजना थी। इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक कैमूर गौतम कुमार ने बताया कि आगरा से शराब पटना ले जाई जा रही थी। शराब को जब्त कर लिया गया है और तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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