गाड़ियों की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक! पैदल यात्रियों के लिए नीतीश सरकार ला रही है नई योजना .…पढ़िए पूरी खबर
सड़क पर चलना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन अक्सर तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच पैदल चलने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अब बिहार में इस सोच को बदलने की ठोस शुरुआत हो गई है। 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के बाद “सात निश्चय-3 (2025-30)” कार्यक्रम लागू किया गया। इसके सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत आम लोगों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। खास तौर पर पैदल यात्रियों के सम्मान और सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों की आमदनी बढ़ी है और सड़कों पर गाड़ियों की संख्या भी बढ़ी है। लेकिन इसी वजह से पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पार करने में दिक्कत और खतरा दोनों बढ़ गए हैं। सरकार का साफ कहना है कि सड़क पर सुरक्षित चलना हर व्यक्ति का पहला अधिकार है। इसी सोच के साथ परिवहन विभाग को कई अहम निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जल्द से जल्द फुटपाथ बनाए जाएंगे। जहां जरूरत होगी वहां साफ-साफ जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएगी, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें।

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साथ ही व्यस्त सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पैदल चलने वालों के अधिकारों को समझें और उनका सम्मान करें। ग्रामीण और शहरी इलाकों में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर वहां फुटपाथ और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे हादसों पर नजर रखी जा सकेगी और उन्हें कम करने में मदद मिलेगी। अगर ये फैसले जमीन पर सही तरीके से लागू होते हैं, तो बिहार की तस्वीर सच में बदल सकती है। सड़क पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनेगा तो लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। यह पहल सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का संकेत है — और यही बदलाव एक विकसित बिहार की असली पहचान बनेगा।