बैंक के अंदर से खुला ठगी का रास्ता! म्यूल अकाउंट के सहारे चल रहा था साइबर फ्रॉड
आरा साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए होने वाली साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में दो स्थानीय युवक और एक बैंक कर्मचारी शामिल हैं, जो मिलकर ठगों के लिए खातों की व्यवस्था कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजराजगंज ओपी क्षेत्र के बीबीगंज गांव निवासी रोहित कुमार, मसाढ़ गांव निवासी मोहित कुमार और कोईलवर थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी सुमन सौरभ चौहान के रूप में हुई है। सुमन सौरभ चौहान स्मॉल उत्कर्ष फाइनेंस बैंक में सीनियर सेल्स एग्जिक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
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साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुरुवार को नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग म्यूल खाते खुलवाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने रोहित और मोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये दोनों बड़े साइबर अपराधियों के निर्देश पर आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम से खाते खुलवाते थे।
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इन खातों के एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज अपने पास रखकर ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। खाताधारकों को इसके बदले केवल 300 से 400 रुपये दिए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ बैंक कर्मियों की मदद से खाते आसानी से खुलवाए जा रहे थे। इसी कड़ी में बैंक कर्मचारी सुमन सौरभ चौहान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और लगातार छापेमारी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।