रेलिंग से कूदने वाले थे माँ और उसका बच्चा, पुलिस की सूझबूझ से बची दो जिंदगियां
भागलपुर में एक बार फिर बिहार पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता सामने आई है। विक्रमशीला सेतु पर आत्महत्या के इरादे से खड़ी एक महिला और उसके छोटे बच्चे की जान समय रहते बचा ली गई। यह साहसिक और मानवीय पहल नवगछिया में तैनात 112 पुलिस टीम के दरोगा सिकंदर कुमार ने दिखाई, जिनकी सतर्कता ने दो जिंदगियों को नया जीवन दे दिया।
घटना मंगलवार देर रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दरोगा सिकंदर कुमार ड्यूटी समाप्त कर अपने घर भागलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर विक्रमशीला सेतु की रेलिंग के पास खड़ी एक महिला पर पड़ी, जिसकी गोद में छोटा बच्चा था और वह छलांग लगाने की कोशिश कर रही थी। महिला का एक पैर रेलिंग में फंसा हुआ था, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई थी।
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स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दरोगा ने तुरंत वाहन रोका और महिला से बातचीत शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरोगा घंटों तक महिला के सामने हाथ जोड़कर उसे समझाते रहे। उन्होंने परिवार, बच्चे के भविष्य और जीवन की अहमियत को लेकर भावनात्मक अपील की। महिला अत्यधिक तनाव में थी और लगातार रो रही थी, लेकिन दरोगा ने धैर्य नहीं खोया।
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काफी मशक्कत के बाद महिला ने खुद को संभाला और पीछे हटी। इसके बाद दरोगा ने स्थानीय लोगों की मदद से महिला और बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। बाद में महिला की पहचान परबत्ता थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी सौरव कुमार यादव की पत्नी हीरा देवी के रूप में हुई। पूछताछ में महिला ने घरेलू विवाद के कारण तनाव में यह कदम उठाने की बात कही। सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला व बच्चे को संरक्षण में लिया। परिजनों को सूचित कर काउंसलिंग की व्यवस्था की गई। दरोगा सिकंदर कुमार की इस मानवीय पहल की हर तरफ सराहना हो रही है, जिसने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून की रक्षक नहीं, बल्कि जीवन की भी संरक्षक है।