नए वर्ष में कब कब लगेगा ग्रहण और क्या होगा असर, देखिये एक नजर में...
नए वर्ष 2026 का आगाज हो चुका है और लोग इस दिन को भारी ख़ुशी और हर्ष के साथ मना रहे हैं। इसके साथ ही पूरे वर्ष में होने पर्व त्यौहार और अन्य खगोलीय घटनाओं की जानकारी भी अभी से जुटाने में लग गये हैं। तो आज हम बताने जा रहे हैं कि 2026 में दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। इन तीनों खगोलीय घटनाओं की आगे हम आपको पूरी जानकारी भी दे रहे हैं ताकि आप भी इसके प्रभाव से बचाव के उपाय कर सकते हैं।
साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा, इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। हालांकि यह भारत में नहीं दिखाई देगा जिससे इसका भारतीय क्षेत्रों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत में नहीं दिखाई देने के कारण इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं मन जायेगा। इसके बाद दूसरा ग्रहण 3 मार्च को लगेगा जो कि चंद्रग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में चला जायेगा और इस दौरान यह करीब 58 मिनट तक लाल रंग का चमकेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और इसके बाद पूर्ण चन्द्र ग्रहण सीधे वर्ष 2029 में लगेगा। साल का तीसरा ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा जो कि वलयाकार सूर्यग्रहण होगा। इसका असर उत्तरी अटलांटिक और मुख्य यूरोप के कुछ हिस्सों में करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक दिखाई देगा।
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ग्रहण के दौरान किन बातों से बचना चाहिए
सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है और कहा जाता है कि इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। सूतक काल ग्रहण खत्म होने तक रहता है। हालांकि जिन जगहों पर ग्रहण नहीं दिखाई देता है वहां रोजाना के काम सामान्य रूप से किये जा सकते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, ध्यान और मन्त्रों का जाप करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान भगवान सूर्य या शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है जबकि इस दौरान गर्भवती महिलाओं और अस्वस्थ लोगों को ग्रहण देखने से बचना चाहिए।
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