पुलिस परिजनों को ही बना रही है गुनाहगार! सचिवालय थाना में SIT के पूछताछ के बाद भाई ने पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप...
पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में नीट छात्रा के परिजन को ही दोषी ठहराने में लगी हुई पुलिस। हमें अब बिहार पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है, सब मिले हुए हैं। अब पुलिस परिजनों को परेशान कर रही है और सब कह रहे हैं कि छात्रा के साथ हैवानियत नहीं हुई बल्कि उसने खुद ही आत्महत्या की है जबकि छात्रा हॉस्टल में बेहोश पाई गई है। यह कहना है कि नीट छात्रा के आक्रोशित परिजनों का जिन्होंने एक बार फिर बिहार पुलिस और SIT पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं। इतना ही नहीं परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत और मामले को रफा दफा करने का भी आरोप लगाया है।
दरअसल इस मामले में शुक्रवार का दिन काफी हलचल वाला दिन रहा। सबसे पहले डीजीपी ने पटना के आईजी, एसएसपी, ASP समेत SIT के अन्य अधिकारियों को बुला कर उनसे पूरी जानकारी ली और फिर सभी पहुंच गए गृह मंत्री के आवास पर। कहा जा रहा था कि गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी लेने के लिए तलब किया है। इसी बीच खबर सामने आई कि डीजीपी ने छात्रा के परिजनों को मिलने के लिए अपने आवास पर बुलाया जहां बाहर निकलने के बाद छात्रा की मां ने डीजीपी पर कई गंभीर आरोप लगाये। छात्रा की मां ने मीडिया से बात करते हुए डीजीपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे भी कह रहे हैं कि उसकी हत्या या बलात्कार नहीं हुई उसने खुद ही आत्महत्या की है।
अब एक बार फिर छात्रा के परिजनों को सचिवालय थाना में बुलाया गया जहां एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने पूछताछ की। पूछताछ के बाद बाहर निकलने पर परिजनों ने एक बार फिर पुलिस अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाये और कहा कि हमें बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है। दरअसल ये लोग हमें न्याय दिलाना ही नहीं चाहते हैं उलटे परिवार के लोगों को ही दोषी बताने में लगे हुए हैं। परिजनों ने कहा कि कल डीजीपी ने फोन कर हमलोगों को मिलने बुलाया और वहां उन्होंने कहा कि छात्रा के साथ बलात्कार नहीं हुई है और उसने आत्महत्या की है। अब एक बार फिर सभी को सचिवालय थाना में बुलाया गया है जहां सिर्फ एक व्यक्ति को अंदर ले जा कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस दौरान छात्रा के परिजनों ने कहा कि पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि हम अब इस केस को CBI को फॉरवर्ड कर रहे हैं। इसके साथ ही परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया। बता दें कि मामला सामने आने के बाद शुरुआती जांच के दौरान भी पुलिस ने आत्महत्या की बात कहते हुए बलात्कार की बात से इंकार कर दिया था। बाद में छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब बलात्कार की पुष्टि हुई तो आनन फानन में SIT का गठन किया गया और इस बीच FSL की जांच में भी छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई जिसके बाद यह बात प्रबल होने लगा कि छात्रा के साथ हैवानियत की गई थी। इसके साथ ही संदिग्धों के DNA जांच का इंतजार चल ही रहा था कि अब इस मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। हालांकि अभी देखना है कि SIT के जांच रिपोर्ट में क्या निकल कर आता है।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट