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घर जैसी रहने की व्यवस्था तो पढाई की उत्तम व्यवस्था, निःशुल्क कोचिंग से सफलता की इबारत लिख रहे छात्र...

alpsankhyak kalyan vibhag

नि:शुल्क कोचिंग से अफसर बन रहे अल्पसंख्यक छात्र, कमाल की है यह योजना। पढ़ाई के साथ अभ्यर्थियों के रहने-खाने की खास व्यवस्था। कोचिंग के साथ मॉक इंटरव्यू के जरिये छात्र के सपने हो रहे पूरे। 2015-16 से 2588 अभ्यर्थियों को मिली कोचिंग  

पटना: नीतीश सरकार की सात निश्चय योजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में वृहद विकास की रणनीति के लिए कई दूरगामी योजनाएं धरातल पर उतारी गईं। इसी कड़ी में राज्य में अल्पसंख्यक छात्रों को तैयारी करने के लिए बिहार सरकार ने खास योजना की शुरूआत की है। जिसमें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग निशुल्क कोचिंग योजना के तहत छात्रों को बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग), नीट और जेइइ की तैयारी ऑफलाइन और ऑनलाइन के माध्यम से करा रही है। इस योजना के तहत वर्ष 2015-16 से अबतक 2 हजार 588 अभ्यर्थियों को कोचिंग दी गई है। 

निशुल्क रहने-खाने व इंटरव्यू की व्यवस्था 

राजधानी हज भवन में संचालित संस्थान में अभ्यर्थियों के लिए पढ़ाई के साथ रहने-खाने की व्यवस्था भी निशुल्क दी जा रही है। वहीं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष 70वीं बीपीएससी के मॉक इंटरव्यू में 180, 71वीं बीपीएससी के मुख्य परीक्षा में 85 और नीट-जेईई के प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के लिए 62 अभ्यर्थियों को कोचिंग दिया जा रहा है। 

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छात्रों को मिल रही घर जैसी सुविधा 

छात्रों की कुशल तैयारी के लिए हज भवन में हर आधुनिक सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। इस बात की जानकारी देते हुए कार्यरत शिक्षक ने बताया कि विद्यार्थियों की अच्छी तैयारी के साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ब्रेक-फ़ास्ट, लंच, हाई-टी, डिनर और रात में उन्हें चाय-कॉफ़ी उपलब्ध कराई जाती है। बीपीएससी और नीट-जेईई मेंस की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को तैयारी संबंधित किट, पुस्तकें, मासिक पत्रिकाएं, समाचार पत्र, मुफ्त वाईफाई समेत अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। 

हजारों छात्रों के सपनों को दे रहा पंख- मंत्री  

वहीं नि:शुल्क कोचिंग योजना के बारे में अल्पसंख्यक मंत्री जमा खान ने कहा कि राज्य कोचिंग योजना केवल परीक्षा की तैयारी का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों सपनों को पंख देने का एक सशक्त प्रयास है। बीते 10 वर्षों में 2,588 युवाओं ने इस योजना के माध्यम से अपने भविष्य की दिशा तय की है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आर्थिक सीमाओं के बावजूद ये बच्चे बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष 327 अभ्यर्थियों को बीपीएससी, जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार का संकल्प है कि किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का सपना केवल संसाधनों के अभाव में अधूरा न रह जाए। सरकार हर उस हाथ को थामेगी जो आगे बढ़ना चाहता है।

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शिक्षा के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार- सचिव 

हज भवन में संचालित राज्य कोचिंग संस्थान अल्पसंख्यक अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षित, प्रेरणादायी और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मनोबल का भी विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि वे पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य पर केंद्रित रह सकें। उन्होंने आगे कहा कि अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, निशुल्क आवास एवं भोजन, अध्ययन सामग्री और डिजिटल सुविधाएं मिलकर इस योजना को केवल एक कोचिंग नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाती हैं। विभाग का प्रयास है कि हर प्रतिभा को अवसर मिले और हर सपना साकार हो।

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