बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे..., नीतीश की नई पारी को लेकर मोकामा के बाहुबली विधायक ने किया सोशल मीडिया पर पोस्ट...
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लेकर अपने तमाम चाहने वाले समर्थकों को हैरान कर दिया है। नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट के बावजूद उनके समर्थकों को विश्वास नहीं हो रहा था कि सच में वे बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ने जा रहे हैं। हालांकि जब नीतीश कुमार ने गृह मंत्री समेत NDA के अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य तीन उम्मीदवारों के साथ राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया तब लोगों को भरोसा करना मज़बूरी हो गई।
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों का मिला जुला रिस्पांस मिल रहा है। एक तरफ कार्यकर्ता जगह जगह सड़कों पर हैं और उनके फैसले का विरोध करते हुए भाजपा पर साजिश का आरोप लगा रहे हैं तो कुछ समर्थक नीतीश के अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर सदुपयोग किये जाने की बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में मोकामा के बाहुबली विधायक ने भी सीएम नीतीश को नई पारी शुरू करने के लिए बधाई दी है। अनंत सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है और लिखा है कि 2005 से अब तक उनका मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा उंचा रहे।
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क्या कहा अनंत सिंह ने
मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि 'बहुत ही लंबे अरसे के बाद बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में राज्यसभा सांसद के रूप में प्रवेश करने जा रहे हैं। सन् 2005 से लेकर आज तक उनका मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व बिहार के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। जब बिहार निराशा और पिछड़ेपन की चर्चा से पहचाना जाता था, तब उन्होंने सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता की नई राह दिखाने का साहसिक काम किया। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम किया है। आज जब वे फिर से राष्ट्रीय मंच पर अपनी नई भूमिका निभाने जा रहे हैं, तो यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनका अनुभव, उनकी दूरदृष्टि और बिहार के प्रति उनका समर्पण देश को भी नई दिशा देने का काम करे। बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा ऊँचा रहे।'
नीतीश नहीं तो मैं भी नहीं
बता दें कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान हिंसक झड़प में जन सुराज उम्मीदवार के समर्थक दुलारचंद यादव की संदिग्ध मौत मामले में हत्या के आरोप में बेउर जेल में बंद हैं। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जब तक नीतीश कुमार राजनीति में हैं तब तक मैं भी हूँ। नीतीश कुमार जिस दिन राजनीति से दूर होंगे मैं भी दूर हो जाऊंगा। अनंत सिंह ने इसके पीछे अपनी राजनीतिक सफर में नीतीश कुमार के सहयोग और आशीर्वाद का हवाला दिया था और कहा था कि आज मैं जो कुछ भी हूं वह नीतीश कुमार की बदौलत ही। उन्होंने ही मुझे राजनीति में लाया और जब वे राजनीति में नहीं रहेंगे तो मैं राजनीति में रह कर क्या करूंगा।
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