darsh news

बैंक कर्मियों की हड़ताल की वजह से ठप रही बैंकिग व्यवस्था, सरकार की टालमटोल के खिलाफ UFBU...

bank strike on 27

पटना: मंगलवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आयोजित “अखिल भारतीय बैंक हड़ताल” के कारण देशभर में सभी बैंक पूर्णतः बंद रहे। इस हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों में पूरे दिन ताले लटके रहे। यह हड़ताल बैंक कर्मियों की वर्षों से लंबित “पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह” की मांग को लेकर की गई। 22 महीने पूर्व इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए लिखित समझौते एवं बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किए जाने से बैंक कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है। इसी आक्रोश के तहत बैंककर्मी आज देशभर में सड़कों पर उतर आए और दिन भर जोरदार नारेबाज़ी करते रहे।

पटना में भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय एवं मुख्य शाखा, बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा, पंजाब नेशनल बैंक (आर ब्लॉक), केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक (गांधी मैदान) तथा इंडियन बैंक (कोतवाली) के समक्ष सैकड़ों बैंक कर्मी दिन भर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में दृढ़ संकल्प के साथ प्रदर्शन किया। हड़ताल की अगुवाई कर रहे यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के संयुक्त संयोजक एवं AIBOC बिहार के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य ने कहा कि बैंक कर्मियों के राष्ट्र निर्माण एवं समाज कल्याण में योगदान को स्वयं प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक मंचों से स्वीकार किया है, लेकिन इसके बावजूद बैंक कर्मियों की समस्याओं—बढ़ते कार्य-दबाव, बिगड़ते कार्य-जीवन संतुलन तथा मानसिक थकान—की ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि “थके हुए और हताश मानव संसाधन के सहारे विकसित भारत का सपना कैसे साकार किया जा सकता है?”

यह भी पढ़ें     -   गिरिराज सिंह अब चलेंगे Y+ सुरक्षा घेरे में तो ललन सिंह और तेजस्वी यादव..., कई माननीयों की श्रेणीगत सुरक्षा खत्म...

विक्रमादित्य ने आगे कहा कि “पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह” को लागू न करना सरकार की वादाखिलाफी है, क्योंकि इसका लिखित समझौता IBA के माध्यम से पहले ही किया जा चुका है। यह हड़ताल एक दिवसीय सांकेतिक आंदोलन है, लेकिन यदि बैंक कर्मियों की जायज़ मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें एक सामान्य, संतुलित जीवन जीने का अवसर नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। इस हड़ताल में UFBU के सभी 9 घटक दलों के बिहार राज्य के 20,000 से अधिक बैंक कर्मियों ने भाग लिया। राज्य की सभी बैंक शाखाएँ शत-प्रतिशत बंद रहीं और यह हड़ताल अभूतपूर्व रूप से सफल रही।

यह भी पढ़ें     -   तीन दिन बंद रहे बैंक और अब चौथे दिन कर्मी चले गए हड़ताल पर, क्या है कारण...


Scan and join

darsh news whats app qr