मुंगेर फिर बनेगा हथियार निर्माण का हब, राज्य में डिफेंस कॉरिडोर के साथ ही पर्यटन का क्षेत्र छुएगा असमान की ऊंचाई...
पटना: मंगलवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने मंगलवार को सदन में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सभी क्षेत्रों पर खास फोकस किया गया है साथ ही उद्योग धंधों पर भी खास जोर दिया गया है। एक तरफ सरकार ने राज्य में कई एयरपोर्ट के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया है तो दूसरी तरफ उद्योगों के विकास के लिए भी कई प्रावधान किया है। वहीं पर्यटन में सुधार के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है।
नीतीश कुमार की सरकार ने विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला के विकास की भी योजना बनाई है। मेला स्थल के विकास के लिए सरकार ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को 24.28 करोड़ रूपये की योजना बना कर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा है। इसके साथ ही सारण के अंबिका भवानी मंदिर में पर्यटकीय सुविधाओं के लिए 13.19 करोड़ रूपये की योजना का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा है। फ़िलहाल राज्य में पर्यटन विभाग की 33 बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है जिसमें पुनौराधाम, महाबोधि केंद्र, इको पार्क, लेक फ्रंट समेत अन्य कई पर्यटक स्थल शामिल हैं। इसके साथ ही सहरसा के मत्स्यगन्ध झील और करमचट डैम का भी विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य की सरकार ने पर्यटक स्थलों पर फाइव स्टार होटल निर्माण की भी योजना बनाई है जिसमें कई होटल निर्माण पर काम शुरू भी कर दिया गया है।
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राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए भी बड़ा एलान किया है। मंगलवार को पेश बजट में नीतीश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क को लेकर भी एलान किया है। इसके तहत डिफेंस कॉरिडोर में बिहार के कई जिले शामिल किये जायेंगे जिसमें सेना और सुरक्षा बलों के ली जरुरी सामान बनाने वाले उद्योग लगाये जायेंगे। इस कॉरिडोर में सरकारी और निजी कंपनियां खोली जाएँगी। इसके तहत बिहार में हथियार से लेकर सैन्य वर्दी निर्माण तक का काम किया जायेगा। यहां ड्रोन, तोप, AK-47, कार्बाइन और स्नाइपर राइफल जैसे कई अत्याधुनिक हथियार बनाये जाने की योजना है।
बिहार में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर के तहत मुंगेर, कैमूर, जमुई, बांका और अरवल जैसे जिलों को शामिल किया जा सकता है। ये जिले पहले से हथियार निर्माण से जुड़े हैं। नालंदा में आर्डिनेंस फैक्ट्री पहले से संचालित है। यह देश की इकलौती फैक्ट्री है जहां बाय मोड्यूलर चार्ज सिस्टम का उत्पादन किया जाता है जिसका उपयोग बोफोर्स सहित कई तोपों के गोले दागे जाने में किया जाता है। नालंदा में निर्मित BMCS का निर्यात दूसरे देशों में भी किया जाता है। इसके साथ ही मुंगेर में अंग्रेजों के ज़माने में बंदूक कारखाना शुरू किया गया था लेकिन यह जिला अवैध हथियार निर्माण की वजह से बदनाम है लेकिन उम्मीद है कि डिफेंस कॉरिडोर में शामिल किये जाने के बाद जिले की पहचान एक बार फिर से बदलेगी।
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