चौकीदार-दफादार के समर्थन में आये चिराग ने कर दिया अपनी ही सरकार का विरोध, कहा 'मैं खुद...'
पटना: सोमवार को राजधानी पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार और चौकीदारों पर लाठीचार्ज का केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विरोध किया है। उन्होंने लाठीचार्ज को दुखद और निंदनीय बताया और कहा कि यह बिल्कुल गलत किया गया है। दफादार और चौकीदार ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा की रीढ़ होते हैं और उनकी तथा उनके सम्मान के सुरक्षा हमारी जिम्मेवारी होती है। यह सामाजिक और प्रशासनिक स्तर सामूहिक रूप से किया जाना चाहिए। इस संबंध में मैं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनकी मांगों को रखूंगा।
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'पटना में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादार साथियों पर लाठीचार्ज करना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। गांवों की सुरक्षा की रीढ़ रहे इन वफादार कर्मियों की आवाज को बल प्रयोग से दबाना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। यह घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।'
यह भी पढ़ें - सरकार से मेरी कोई लड़ाई नहीं, कानून व्यवस्था ठीक करे, सुपौल में युवती के परिजनों से मुलाकात कर पप्पू यादव ने...
चिराग ने आगे लिखा कि 'चौकीदार-दफादार साथियों की समस्याओं तथा उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री से शीघ्र भेंट करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें उचित मांगों के समाधान, सेवा संबंधी समस्याओं के स्थायी निराकरण तथा दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग शामिल होगी।'

केंद्रीय मंत्री चिराग ने सोशल मीडिया में लिखा कि 'मैं स्वयं भी इस मामले में मुख्यमंत्री से मिल कर चौकीदार-दफादार साथियों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करूंगा तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करूंगा। सुधार नाम पर वर्षों से सेवा दे रहे परिवारों की आजीविका और गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं है। गांवों की सुरक्षा करने वालों का सम्मान और भविष्य सुरक्षित रखना समाज एवं सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।'
बता दें कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहले भी अपनी ही सरकार के कई निर्णयों का विरोध कर चुके हैं वहीं उन्होंने अब तक कई बार ऐसा हुआ है कि सरकारी महकमे की कार्रवाई का भी विरोध किया है। हालांकि वे बिहार की नीतीश सरकार के कामों की प्रशंसा करने से भी नहीं चूकते हैं लेकिन वे कई मामलों में विरोध भी आगे आ कर करते हैं।
यह भी पढ़ें - लोगों की शिकायत के बाद MLA ने अधिकारियों को चेताया, कहा 'हमारे लोगों को तकलीफ दी तो...'