पटना: राज्यसभा चुनाव में बिहार की पांच सीटों पर मतदान नहीं करने वाले तीन विधायकों के विरुद्ध कांग्रेस ने कार्रवाई की है। पार्टी ने इन तीनो विधायकों को नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सभी के विरुद्ध पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकती है। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं करने वाले सभी विधायकों को पार्टी के बिहार अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव ने नोटिस जारी किया है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव ने कहा कि मतदान के दिन सभी से संपर्क करने की पूरी कोशिश की गई। इन लोगों ने पहले फोन नहीं उठाया और फिर बाद में इनके मोबाइल बंद हो गए। अगर यह तीन विधायक वोट डालते तो फिर महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह चुनाव जीत सकते थे। जारी नोटिस का अगर इन लोगों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में थे। चार सीटों पर NDA की जीत तय थी जबकि एक सीट पर महागठबंधन के एक प्रत्याशी अमरेंद्रधारी सिंह के साथ NDA का मुकाबला था। एक सीट जीतने के लिए NDA के पास तीन वोटों की कमी थी तो दूसरी तरफ महागठबंधन को 6 वोटों की कमी थी। हालांकि राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने ओवैसी की पार्टी AIMIM और मायावती की पार्टी बसपा के विधायकों से बात कर 6 विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया लेकिन मतदान के दिन कांग्रेस के तीन विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद और सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा तथा राजद के एक विधायक फैसल रहमान ने वोट ही नहीं डाला। अगर यह चार वोट राजद प्रत्याशी को मिल जाती तो फिर महागठबंधन एक राज्यसभा सीट पर कब्ज़ा करने में सफल हो जाती।
मतदान के बाद मतगणना में पांचवीं सीट पर एक तरफ जहां NDA उम्मीदवार भाजपा के शिवेश कुमार को 30 वोट मिले तो दूसरी तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह को 37 वोट मिले थे। अगर यह चार वोट भी उन्हें मिल जाते तो फिर वह राज्यसभा चुनाव जीत लेते और महागठबंधन की एक सीट बच जाती। दोनों उम्मीदवारों को निर्धारित 41 वोट नहीं मिलने की वजह से द्वितीय वरीयता की गिनती की गई जिसमें NDA उम्मीदवार ने जीत दर्ज कर ली।
बता दें कि मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के विधायक मनोज विश्वास ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को गठबंधन में इज्जत नहीं दिए जाने की वजह से उनके निर्देशानुसार वोट नहीं डालने की बात कही थी। मनोज विश्वास ने कहा था कि हमने प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी लोग मतदान के लिए स्वतंत्र हैं और इसके बाद हमने निर्णय लिया कि हम मतदान नहीं करेंगे। वहीं इस सवाल के जवाब में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था कि सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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