पटना: बिहार की सरकार के द्वारा भ्रष्टाचार पर लाख प्रहार और सरकारी कर्मियों को इससे बचने की नसीहत के बावजूद सरकारी कर्मी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। अब राजधानी पटना में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने वाले एक दारोगा जी खुद ही भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हो गए। एडिशनल SHO की गिरफ्तारी के बाद राजधानी के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कदमकुआं थाना के एडिशनल SHO अर्जुन कुमार को निगरानी की टीम ने सात हजार रुपए घूस लेते हुए बुद्ध मूर्ति के समीप रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अब गिरफ्तार दारोगा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मामले में निगरानी विभाग से जानकारी मिली कि पुलिस ने पहले अवैध गेसिंग के आरोप में शमशाद आलम नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और जब वह जेल से बाहर आया तो एडिशनल SHO अर्जुन यादव ने उसके ऊपर फिर से गेसिंग का काम शुरू करने और नियमित रूप से रिश्वत देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। दारोगा के दबाव के बाद उसने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर निगरानी की एक टीम गठित कर जाल बिछाया गया और गुरुवार को बुद्ध मूर्ति के समीप 7 हजार रुपए नजराना लेते हुए एडिशनल SHO को गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी की टीम अब उनसे पूछताछ के बाद विशेष निगरानी कोर्ट में पेश करेगी साथ ही उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट