SVU के जाल में फंसे सरकारी अधिकारी, घूस लेते रंगे हाथ पकड़े
कैमूर जिले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमि संरक्षण-सह-परियोजना क्रियान्वयन इकाई, भभुआ के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC–PMKSY 2.0) के तहत किसानों के बकाया भुगतान में घूस मांगने के मामले में की गई। गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान रविशंकर राम (सहायक निदेशक) और अंजनी कुमार (अभियंत्रण विशेषज्ञ) के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने योजना के तहत कराए गए कार्यों के बकाया बिल के भुगतान के लिए किसानों से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। अधिकारियों ने यह भी धमकी दी थी कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
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इस मामले में उमेश कुमार (पिता- श्रद्धनाथ सिंह), निवासी ग्राम- गमहरियां, थाना- अधौरा और अरविंद कुमार (पिता- राजेश्वर सिंह), निवासी ग्राम- कलहुँआ, थाना- अधौरा ने विशेष निगरानी इकाई, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद SVU ने ट्रैप की कार्रवाई की। 29 जनवरी 2026 को रविशंकर राम रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। मौके पर मौजूद SVU की टीम ने तत्काल उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की पुष्टि अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार ने की है।
SVU के एसपी चंद्रभूषण के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की जांच जारी है। यह मामला बिहार पुलिस की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। गौरतलब है कि भूमि संरक्षण विभाग में घूसखोरी के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में कई लाभुक मजबूरी में घूस देकर चुप हो जाते हैं, जबकि कुछ साहसी किसान विरोध कर कार्रवाई कराते हैं। ऐसी सख्त कार्रवाइयां ही सिस्टम में सुधार की उम्मीद जगाती हैं।