जावेद अली की गायकी ने बोधगया महोत्सव में बढ़ाया रोमांच, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
बोधगया: भगवान बुद्ध की पावन भूमि बोधगया में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया। महोत्सव का पहला दिन विशेष रूप से रंगीन और मनोरंजक रहा। ठंड के बावजूद हजारों दर्शक समारोह में शामिल हुए और कार्यक्रम का आनंद लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में बौद्ध धर्मगुरुओं ने पारंपरिक विधि से मंत्र पाठ किया और विश्व शांति की कामना की। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज के समय में बुद्ध के करुणा, अहिंसा और शांति के संदेश का पालन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने की थी, जिसका उद्देश्य बोधगया को वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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महोत्सव की पहली शाम बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक जावेद अली के नाम रही। उन्होंने “तू मेरी अधूरी प्यास…”, “एक दिन तेरी राहों में…” और “मौला” जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी गायकी पर दर्शक झूमते नजर आए और तालियों से माहौल गूंज उठा। आने वाले दिनों में बॉलीवुड गायक रूप कुमार राठौड़ और गायिका भूमि त्रिवेदी भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में वियतनाम, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड और लाओस सहित कई देशों के 61 कलाकार भाग ले रहे हैं।
थाईलैंड के कलाकार ‘वेस्संतर जातक’ नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जापान का ‘मु-ई’ समूह पारंपरिक और रॉक संगीत का संगम दिखाएगा, और श्रीलंका के कलाकार प्राचीन ‘कैंडियन नृत्य’ के माध्यम से बुद्ध, धम्म और संघ को श्रद्धांजलि देंगे। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच है, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को विश्वभर में पहुंचाने का अवसर भी है।