JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा नहीं हो रहा शांत, RCP सिंह का नाम लेकर लगाये नारे, मनीष वर्मा का भी...
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय से उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता नाखुश दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और जदयू कार्यालय में जम कर हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय में तोड़फोड़ भी की और खाना भी फेंक दिया। कार्यकर्त्ता सीएम नीतीश के बेटे निशांत को राज्यसभा भेजे जाने और नीतीश कुमार के सीएम बने रहने की मांग कर रहे हैं।
इसी कड़ी में एक बार फिर गुरुवार की शाम राजधानी पटना में जदयू कार्यकर्ताओं ने जम कर हंगामा किया। कार्यकर्ता नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी से साजिश के तहत हटाये जाने का आरोप लगा रहे थे और उन्होंने गुरुवार की शाम आरसीपी सिंह को पार्टी में वापस लाये जाने की मांग की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास करीबी संजय गांधी के सामने जदयू कार्यकर्ताओं ने जम कर हंगामा किया और आरसीपी सिंह नाम लेकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने साजिश के तहत सीएम नीतीश पर कुर्सी छोड़ने का दबाव बना कर बिहार से हटाया है।
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हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरसीपी सिंह पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगता था लेकिन अब यह पता चल गया है कि भाजपा का एजेंट कौन है। अब पार्टी में आरसीपी सिंह को वापस लाया जाए तथा उन्हें और मनीष वर्मा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार की भी राजनीतिक एंट्री की मांग की। बता दें कि होली से एक दिन पहले निशांत कुमार के राजनीति में आने की पुष्टि पार्टी की तरफ से की गई थी जिसके बाद माना जा रहा था कि निशांत राज्यसभा जायेंगे। अचानक होली के दिन खबर सामने आई कि नीतीश खुद राज्यसभा जायेंगे और निशांत को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। हालांकि नीतीश ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन तो दाखिल कर दिया है लेकिन अभी निशांत की भूमिका पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से आरसीपी सिंह के भी पार्टी में वापसी की चर्चा हो रही है। बीते जनवरी में दही चूड़ा भोज के दौरान एक कार्यक्रम में जब सीएम नीतीश और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह आमने सामने आये थे तो वह भावुक हो उठे थे और सीएम नीतीश के साथ अपने पुराने रिश्तों की बात कही थी। वहीं उन्होंने पार्टी में वापसी को लेकर कहा था कि जो भी होगा सबको पता चल ही जायेगा। बता दें कि जदयू कार्यकर्ता ताजा घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रहे हैं।