मिहिर ने बचाई परी की जान, रणविजय का अगला कदम क्या होगा?
शांति निकेतन में हाल ही में हुए एक ड्रामाई एपिसोड ने दर्शकों को झकझोर दिया। कहानी की शुरुआत मिहिर और रणविजय के बीच हुए जबरदस्त झगड़े से होती है। मिहिर ने रणविजय को परी को नुकसान पहुँचाने से रोक दिया और उसे चेतावनी दी कि वह शांति निकेतन छोड़ दे और कभी परी को परेशान न करे। रणविजय अनिच्छा से चला जाता है, लेकिन परी को इस मामले के बारे में चेतावनी देकर उसे आंसुओं में डुबो देता है। परी के साथ मिहिर और रितिक खड़े होकर उसका हौसला बढ़ाते हैं।

सीन बदलता है और नॉइना और सुची रनविजय के बारे में बातचीत करती हैं। नॉइना को डर है कि रणविजय के पास विरानी ग्रुप के कुछ शेयर होने की वजह से परेशानी हो सकती है। वहीं मजाक में सुची मिहिर और तुलसी की कुंडली मिलवाती है, जो बिल्कुल परफेक्ट मैच साबित होती है। इसी बीच तुलसी 1000 साड़ी के सैंपल ऑर्डर को पूरा करने के लिए परी के एक्स-हसबैंड अजय से मदद लेने जाती है। अजय तुरंत मदद के लिए तैयार हो जाता है। तुलसी, वृंदा और वैश्नवी मिलकर व्यवसाय को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना बनाती हैं।

लेकिन ड्रामा यहीं खत्म नहीं होता। परी गरिमा को स्कूल से लेने जाती है, लेकिन पता चलता है कि रणविजय पहले ही आकर उसे ले गया है। वह अपनी बेटी को बचाने के लिए रणविजय के घर पहुँचती है, जहां उसे पता चलता है कि वह रसोई में बंद है। तुलसी समय पर पहुँचकर अपनी बेटी को बचाती है। मिहिर पुलिस के साथ चॉल में आता है। जब वह जानता है कि रणविजय ने परी की जान लेने की कोशिश की, तो गुस्से में उसे पीटता है और पुलिस रणविजय को गिरफ्तार कर लेती है। अंत में परी घोषणा करती है कि वह तुलसी के साथ चॉल में रहेगी। यह एपिसोड रोमांच, इमोशन और ड्रामे का परफेक्ट मिश्रण था, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।