पटना : राजधानी समेत पूरे बिहार में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी को देखते हुए पटना पुलिस ने आम लोगों के लिए एक अहम् एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने चतावनी दी है की साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिनमें APK फाइल, कॉल फोर्वार्डिंग और QR कोड स्कैनिंग प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, ठग अक्सर लोगों को RTO चालान, बिजली बिल या सरकारी योजनाओं जैसे पीएम किसान से जुड़ी फर्जी APK फाइलें भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन फाइलों को डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, अपराधियों को उसके मोबाइल का एक्सेस मिल जाता है। इससे वे WhatsApp, बैंकिंग ऐप्स और अन्य संवेदनशील डाटा तक पहुंच बनाकर आर्थिक ठगी को अंजाम देते हैं।
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इतना ही नहीं, कॉल फॉरवर्डिंग का भी दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराधी लोगों को **21 डायल करने के लिए कहते हैं, जिससे उनके फोन की सभी कॉल्स किसी दूसरे नंबर पर ट्रांसफर हो जाती हैं। इसके बाद ठग पीड़ित बनकर उसके रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से पैसे मांगते हैं। वहीं QR कोड स्कैनिंग के जरिए भी ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। अपराधी WhatsApp Web का QR कोड भेजकर उसे स्कैन कराने को कहते हैं। जैसे ही यूजर कोड स्कैन करता है, उसका WhatsApp अकाउंट अपराधियों के डिवाइस पर खुल जाता है।
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पटना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या QR कोड से दूरी बनाए रखें। मोबाइल में ऑटो डाउनलोड फीचर बंद रखें और WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन करें। अगर फोन पर कॉल आनी बंद हो जाए तो तुरंत ##002# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी तरह की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।