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NEET छात्रा मामले में पुलिस ने लगाये परिजन पर गंभीर आरोप , नहीं करना चाहते थे FIR

neet student case

पटना में NEET छात्रा की मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। बुधवार को इस मामले पर पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें IG जितेंद्र राणा, SSP कार्तिकेय शर्मा और SP परिचय कुमार मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग 15 मिनट तक चली। इस दौरान पुलिस ने केस के कई पहलुओं पर अपनी बातें रखीं, लेकिन पत्रकारों के सवालों पर SSP कार्तिकेय शर्मा ने ‘नो कमेंट्स’ कहा। अंत में IG ने स्पष्ट किया कि अब यह मामला CBI के पास है।  प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पुलिस अधिकारी दौड़ते हुए अपनी-अपनी गाड़ियों में चले गए।

यौन हिंसा और परिवार को दी गई जानकारी

SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि सबसे पहले पीड़िता के परिवार को घटना की जानकारी दी गई थी। छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। पुलिस ने बताया कि  पहले परिजन FIR नहीं करना चाहते थे, फिर FIR दर्ज होने के बाद परिवार ने पुलिस को छात्रा के 5 कपड़े सौंपे थे, जिनमें से एक कपड़े से स्पर्म मिला। SSP ने स्वीकार किया कि चित्रगुप्त नगर थाना में SHO स्तर पर लापरवाही पाई गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की गई। SDPO सचिवालय-1 अनु कुमारी ने बताया कि अस्पताल से जब्त “लामा रिपोर्ट” को केस डायरी में शामिल किया गया।


 हॉस्टल और CCTV जांच

पुलिस ने हॉस्टल के DVR को सीज किया और वीडियो की जांच की। जांच में सामने आया कि 5 जनवरी को छात्रा अपनी दोस्त के साथ हॉस्टल के कमरे में गई, दो मिनट बाद बाहर आई और फिर कमरे से बाहर नहीं निकली। 6 जनवरी को छात्रा नाश्ते के लिए आवाज देने पर नहीं आई। हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खोलकर देखा। इसके अलावा छात्रा हॉस्टल पहुंचने से पहले  पटना जंक्शन के CCTV कैमरे में भी दिखाई दी थी और जिस ऑटो से हॉस्टल पहुंची, उसके ड्राइवर से भी बात की गई।


 डिजिटल साक्ष्य और परिवार की स्थिति

पुलिस ने यह भी बताया कि छात्रा 27 दिसंबर से 5 जनवरी तक अपने घर पर ही थी। इस दौरान की कॉल डिटेल, लोकेशन और डिजिटल साक्ष्य की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और *DNA मिलान, डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान* के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने की अपील की।


 घटना की पूरी टाइमलाइन

5 जनवरी: छात्रा अपनी दोस्त के साथ हॉस्टल में आई थी। सब कुछ सामान्य था। परिवार ने केस दर्ज करने से इनकार किया।

पटना लौटते समय: SSP परिचय कुमार ने बताया कि छात्रा ने अरवल मोड़ के पास दवा खरीदी और उसका सेवन किया। इसका भी मेडिकल और फॉरेंसिक स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है।

6 जनवरी: छात्रा बेहोशी की हालत में हॉस्टल में मिली और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


 शुरुआती जांच और SIT की रिपोर्ट

शुरुआत में पुलिस ने इसे सुसाइड बताया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि छात्रा से रेप हुआ। इसके बाद SIT बनाई गई। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिला। पुलिस ने 18 लोगों के DNA सैंपल लिए, लेकिन किसी का मेल नहीं हुआ। इसके बाद सरकार ने मामले की CBI जांच की अनुशंसा की।


 परिवार की प्रतिक्रिया और समाज की मांग

पीड़ित परिवार को DGP ने अपने आवास पर बुलाया, जहां परिवार ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया गया। इस मामले में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और अब सुप्रीम कोर्ट के जज के अंडर जांच* की मांग उठ रही है। पुलिस ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें।



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