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थानाध्यक्ष का प्राइवेट ड्राईवर ले गया था CCTV का DVR, जांच के दौरान SIT के साथ दिखी रौशनी कुमारी तो फिर उठने लगे सवाल

neet stundent case in patna hostel

पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में एक तरफ लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है तो दूसरी तरफ पुलिस की जांच पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। अब ऐसा ही कुछ सामने आया है चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी के संबंध में। यह पूरा मामला जब जानेंगे तो आप भी हतप्रभ रह जायेंगे कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी इतनी लापरवाही कैसे कर सकती है। हालांकि यह लापरवाही सिर्फ एक पुलिस अधिकारी की नहीं बल्कि इसमें कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। इतना ही नहीं घटना की जांच के लिए गठित SIT का हिस्सा नहीं होने के बावजूद छानबीन के दौरान चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी की उपस्थिति अब सवाल खड़े करने लगी है।

घटना सामने आने के पहले दिन से ही परिजन छात्रा के साथ दरिंदगी का आरोप लगा रहे थे जबकि हॉस्पिटल से ले कर पुलिस तक ने इसे आत्महत्या का मामला बता दिया। बाद में जब छात्रा का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया तब यह खुलासा हुआ कि उसके साथ दरिंदगी हुई थी और तब पुलिस के कान खड़े हो गए। आनन फानन में डीजीपी ने जांच के लिए SIT का गठन किया और जांच भी शुरू की गई। लेकिन अब SIT पर भी सवाल उठने लगे हैं। दरअसल रविवार को जब SIT की टीम प्राथमिक इलाज करने वाले हॉस्पिटल सहज नर्सिंग होम और डॉ प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची तो वहां टीम में नहीं होने के बावजूद चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी उनके साथ दिखी।

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अब यह मामला एक बार फिर सवाल उठाने के लिए काफी है कि महिला अधिकारी घटना के आरोपियों से मिली हुई है और किसी न किसी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में भी अब लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब घटना के शुरुआती तीन दिनों तक पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची और न ही कोई जांच की गई तो SIT में नहीं होने के बावजूद जांच के दौरान वह पुलिस अधिकारी क्यों मौजूद है जिसके ऊपर खुद ही कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस दौरान थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी मीडिया के कैमरे से बचती हुई भी दिखी।

इसके साथ ही एक और मामला सामने आ रहा है जो पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप खड़े कर रहा है। इस संबंध में चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी के ड्राईवर ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तीन दिनों तक पुलिस हॉस्टल में नहीं गई और न ही कोई जांच की गई बल्कि हॉस्टल के सीसीटीवी का DVR भी वही ले कर गया था। थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी के प्राइवेट ड्राईवर ने बताया कि 'मैडम गांधी मैदान में मीटिंग में थी तभी कदमकुआं थाना से फोन आया कि आपके इलाके में इस तरह की घटना घटी है। मैडम वहां से अस्पताल गईं, लेकिन उन्हें हॉस्टल का पता नहीं था। मैंने अपने कुछ दोस्तों से पूछकर मुन्ना चक गली का पता किया और सबसे पहले मैं हॉस्टल में पहुंचा।

ड्राईवर ने बताया कि जब मैं हॉस्टल पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। मैंने जब काफी देर तक दरवाजा पीटा तब उन लोगों ने गेट खोला और मैं अंदर गया। वहां से मैं सीसीटीवी का DVR उठाकर थाना ले गया। ड्राईवर ने इसके बाद बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बावजूद घटनास्थल पर न तो कोई फॉरेंसिक टीम पहुंची न पुलिस और न ही कोई एक्सपर्ट। अब इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस एक बार फिर बड़े सवालों के घेरे में फंसती नजर आ रही है।

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