नीतीश सरकार अब सिमांचल में करेगी कागज की जांच, डिप्टी सीएम ने कर दिया एलान...
पटना: एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री घुसपैठ और सुरक्षा मामलों की समीक्षा और रणनीति पर चर्चा के लिए तीन दिवसीय दौरे पर बिहार में थे तो दूसरी तरफ अब बिहार सरकार ने नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में भी कार्रवाई की बात कही है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जदयू विधायक के द्वारा मुद्दा उठाये जाने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने घोषणा की कि अब सिमांचल इलाके जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की जाएगी और फिर लोगों की जांच की जाएगी।
दरअसल विधानसभा में ठाकुरगंज के जदयू विधायक नीरज अग्रवाल ने एक गैर सरकारी संकल्प के जरिये सदन में किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड में स्थानीय लोगों की जमीन कब्ज़ा करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उक्त प्रखंड में भूदान की जमीनों पर अब बाहरी लोगों का कब्ज़ा हो गया है। जो जमीनें दशकों पहले दलित, आदिवासी और गरीब मुस्लिम परिवारों के नाम पर दी गई थी अब उसी जमीन पर दूसरे राज्यों से आये लोगों ने अपना अधिकार जमा लिया है और वे अपनी मनमानी भी कर रहे हैं।
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जदयू विधायक ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से आये लोगों ने बड़े पैमाने पर जमीन की रजिस्ट्री कराई है। प्रखंड क्षेत्र के करीब 90 प्रतिशत ऐसी जमीनों पर बाहरी लोगों ने कब्ज़ा कर लिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इलाके में भौतिक सत्यापन करवाते हुए अवैध कब्जा हटाई जाए। जदयू विधायक के सवालों पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि किशनगंज जिलाधिकारी की रिपोर्ट में मालदा और मुर्शिदाबाद के लोगों द्वारा कब्जे का कोई ठोस मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और अगर अवैध खरीद बिक्री का मामला सामने आया तो फिर जमाबंदी रद्द कर जमीन सरकार के अधीन कर दी जाएगी।
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