पटना: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल काफी तेज है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर मंथन में लगा है तो दूसरी तरफ विपक्ष अलग अलग तरह से हमले कर रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने भी सियासी हलचल पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दो दो भविष्यवाणी भी कर दी। प्रशांत किशोर ने कहा कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दौर खत्म हो गया है और अब बिहार की सत्ता की चाबी दिल्ली से घूमेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन लोगों का असली मकसद बिहार का विकास नहीं बल्कि बिहार से गुजरात की फैक्ट्रियों के लिए मजदूर उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही पीके ने कहा कि बिहार में नई सरकार बनने के बावजूद मिल समस्याएं जस की तस बनी रहेंगी। बिहार में इतने लंबे से NDA का शासन होने के बावजूद महंगाज बेरोजगारी और पलायन की समस्या बनी हुई है और यह आगे भी बनी रहेगी। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य की बदहाली दूर नहीं होने वाली है और न ही भ्रष्टाचार खत्म होने वाला है। इस दौरान प्रशांत किशोर ने मतदाताओं को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि बिहार की जनता ने विकास के मुद्दों पर नहीं बल्कि लालच में वोट किया है इसलिए बेहतर शासन व्यवस्था की उम्मीद करना मुश्किल है।
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक ताकत पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि उन्होंने यह जन समर्थन से नहीं बल्कि मैन्युफैक्चर्ड मैंडेट से सरकार बनाई। पैसे के बल पर सत्ता में आए और अब यही कारण है महज 3 से 4 महीने में ही नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। NDA में अभी मुख्यमंत्री वह नहीं बन सकता है जिसे जनता ने चुना है बल्कि वही बन सकता है जिसे भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुनेगा। बता दें कि सीएम नीतीश मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को राज्य के नए मुख्यमंत्री अपने पद की शपथ ले सकते हैं।