मामले की लीपापोती है SIT का गठन, डरी हुई हैं छात्राएं, पटना की सड़क पर कांग्रेस के साथ ही उतरी महिलाएं...
पटना: राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गर्म होता जा रहा है। यह मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है। एक तरफ राजनीतिक दलों के नेता मृतिका के परिजनों से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं तो दूसरी तरफ सोमवार को राजधानी पटना में कांग्रेस सड़कों पर उतरी और विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राजधानी की महिलाओं ने भी मोर्चा खोला और सड़क पर उतर कर न्याय की मांग करते हुए जम कर नारेबाजी की।
सोमवार को कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और दोषियों को सख्त सजा की मांग की। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने SIT गठित किये जाने को भी मामले की लीपापोती बताया। वहीं कांग्रेस के बिहार प्रभारी ने CBI जांच और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
SIT का मतलब है मामले की लीपापोती
दर्श न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि SIT हमेशा ही लीपापोती के लिए गठन किया जाता रहा है। सरकार पर जब जनता और मीडिया का दबाव पड़ता है तो SIT गठित की जाती है। इस मामले में भी अब तक SIT का कोई परिणाम सामने नहीं आया है और यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव भी रहा है। आज तक किसी भी जांच एजेंसी का SIT ने कोई परिणाम नहीं दिया है। हम 24 घंटे का इंतजार करेंगे कि क्या परिणाम आता है, हमें इससे कोई उम्मीद नहीं है।
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CBI जांच करवाए सरकार
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्ल्वारू ने कहा कि हमलोग इस मामले में CBI जांच की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बिहार सरकार शांत नहीं हैं बल्कि अपराधी को बचाने में पूरी तरह से जुट चुके हैं और न्याय देने में शांत हैं। जिस तरह से आज उन्होंने SIT बनाई है और उसी पुलिस अधिकारी को उसमें शामिल किया जिसने पहले भी इस मामले को दबाने की कोशिश की। इससे साफ पता चलता है कि बिहार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की कोई न्याय दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बात बिहार के मुद्दों, सुरक्षा-सम्मान की है और जब तक यह नहीं मिलेगा हमलोग लगातार विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी दो मुख्य मांग हैं कि एक तो इस घटना में शामिल अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाये और इस मामले को दबाने की कोशिश करने वाले अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर कड़ी कार्रवाई की जाये।
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छात्राओं ने कहा डरे हुए हैं हम
महिलाओं के प्रदर्शन में शामिल छात्रा और महिलाओं ने कहा कि जहानाबाद से पढने के लिए पटना आई छात्रा के साथ जिस तरह से हॉस्टल में हैवानियत हुई। इस मामले के आरोपियों को बचाने में आरोपी के साथ ही डॉक्टर और प्रशासन लगे हुए हैं लेकिन हम ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे। जब तक न्याय नहीं मिलेगा हमलोग शांत नहीं होने वाले हैं। आज के दिन हमारे परिजन भी डरे हुए हैं और वे सोच रहे हैं कि अपनी बेटियों को पढने पटना भेजें या नहीं। इसके साथ ही जिस हॉस्पिटल के संचालक ने इस में साजिशें की उस हॉस्पिटल को अविलंब बंद कराया जाये, जिस पुलिस अधिकारी ने इस मामले को दबाने की कोशिश की उसे भी निलंबित किया जाये। महिलाओं ने कहा कि इस मामले में प्रशासन आरोपियों के साथ मिली हुई है। हमलोग चाहते हैं कि इस मामले में CBI के द्वारा जांच कराई जाये और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
अब आवाज नहीं उठाये तो काफी देर हो जाएगी
छात्राओं ने कहा कि इस घटना के बाद से हमलोगों के मन में भय बैठ गया है। अगर हमलोग अभी से आवाज नहीं उठाएंगे तो फिर हमारे साथ इससे भी भयावह घटनाएं घट सकती हैं। एक तरफ पीड़िता के परिजन शोकमग्न हैं तो दूसरी तरफ राजनीतिक दल और सत्ताधारी दल के नेता चूड़ा दही का भोज में व्यस्त हैं। वहीं महिलाओं के समर्थन में आये कुछ छात्रों ने भी इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि यह सरकार की नाकामी है कि राजधानी में इस तरह की घटनाएं हो रही है। आज के समय में सरकार पर यह सवाल खड़े हो रही हैं कि महिलाएं अब घर में भी सुरक्षित नहीं हैं।
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