पटना में छापा और खुल गया राज ! मामूली कमाई वाला निकला करोड़ों के ड्रग्स का खिलाड़ी
पटना में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के बीच एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। खगौल थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने ब्राउन शुगर और हीरोइन की खेप बरामद की है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने कल्लू पासवान को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका बेटा बिट्टू पासवान फरार बताया जा रहा है।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस को करीब दो से तीन महीने पहले शहर में ब्राउन शुगर की सप्लाई को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क का बैकवार्ड लिंक खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान मुस्तफापुर निवासी कल्लू पासवान का नाम सामने आया। इसके आधार पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसके घर की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर के अंदर प्लास्टिक में छिपाकर रखे गए मादक पदार्थ बरामद हुए। पुलिस के अनुसार कुल 4.846 ग्राम हीरोइन और ब्राउन शुगर बरामद की गई। हालांकि जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इससे कहीं बड़ी मात्रा में ड्रग्स का कारोबार किया जा रहा था।
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जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जो इस परिवार की संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। पुलिस के मुताबिक कल्लू पासवान पेशे से केबल ऑपरेटर है और उसकी आय करीब 20 हजार रुपये प्रतिमाह बताई जाती है। इसके बावजूद उसके पास आलीशान मकान, 15 कट्ठा जमीन और आठ अलग-अलग बैंक खातों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें से एक खाते में करीब 20 लाख रुपये जमा होने की जानकारी भी मिली है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की सप्लाई पूर्वोत्तर राज्यों से की जा रही थी। सिलिगुड़ी से ट्रेन के जरिए पटना तक खेप पहुंचाई जाती थी और महीने में एक-दो बार सप्लायर इस नेटवर्क को माल उपलब्ध कराते थे। पटना सिटी, रामकृष्ण नगर और दानापुर को इस नेटवर्क का प्रमुख हब बताया जा रहा है।
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पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस पूरे गिरोह का संचालन कल्लू पासवान का बेटा बिट्टू पासवान कर रहा था। पुलिस के अनुसार बिट्टू ने शहर में करीब 10 सप्लायर तैनात कर रखे थे, जो अलग-अलग इलाकों में कमीशन के आधार पर ड्रग्स की डिलीवरी करते थे। पिता की गिरफ्तारी के बाद से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।