प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत के अनुसार कांग्रेस विधायकों ने बनाई थी वोटिंग से दूरी, राजेश राम ने कहा...

पटना: सोमवार को बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान हुई जिसमें महागठबंधन के चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद मतदान से गायब रहने वाले कांग्रेस के एक विधायक मीडिया के सामने आये और उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को सम्मान नहीं दिए जाने की वजह से वोटिंग से दुरी बनाने की बात कही। इस संबंध में कांग्रेस के विधायक मनोज विश्वास ने यह भी साफ साफ कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक की और उन्होंने जब कह दिया कि निर्णय लेने के लिए आप स्वतंत्र हैं तभी हमलोगों ने मतदान से दुरी बनाने का निर्णय लिया। अब इस सवाल पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल से बचने की कोशिश की और मीडिया पर आरोप लगा दिया कि आपलोगों के सवाल को वह समझ नहीं पाए होंगे और कुछ भी बोल दिया। राजेश राम ने तीनों विधायकों पर कार्रवाई करने की भी बात कही।

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि इस मामले में हम राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रहे हैं और उनके निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक मनोज कुशवाहा के बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि हमने राजेश राम के निर्देशानुसार ही वोट नहीं करने का निर्णय लिया पर जवाब देते हुए कहा कि मैं इस मामले में भी अपना स्पष्टीकरण बाद में दूंगा। फ़िलहाल हमलोग पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत कर रहे हैं। हम क्षेत्रीय पार्टी नहीं हैं कि एक व्यक्ति के फैसला से कुछ करना है। मनोज विश्वास के प्रदेश अध्यक्ष को सम्मान नहीं दिए जाने के बयान पर राजेश राम ने कहा कि आपके सवाल के घेरा में ही वह आ गए। आपके सवाल को हर कोई समझ ले और समझ कर जवाब दे यह इतना आसान नहीं है।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो आदमी नए नए पार्टी में आये, उन्हें टिकट मिला और वह जनता के वोट से चुन कर आये, अब उन्हें जनता के बीच में जा कर बोलना चाहिए। मैं यह जरुर कहूँगा वे लोग दबाव में हैं, हाउस अरेस्ट हैं और आपलोग एक एक कर जायेंगे तो संभव है कि अलग अलग मुलाकात में बयान भी बदल जाये। उन्होंने कहा कि बैठकों की प्रक्रिया साथ में चली लेकिन बाद में क्या हुई यह उनसे मुलाकात के बाद ही पता चल पायेगा। राज्यसभा चुनाव में निर्णय पार्टी नेतृत्व का था और हमारी जिम्मेवारी उन निर्देशों के क्रियान्वयन की थी। आज जो लोग इधर से उधर गए हैं, वह किस कारण से हुए हैं, हम उस पर जानकारी ले रहे हैं। राजेश राम ने अपने ऊपर स्वतंत्र होने की बात कहने के आरोप पर कहा कि यह तो वह बतायेंगे कि वे लोग स्वतंत्र हैं या बंधन में हैं।

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