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राजनीतिक बयानबाजी से अधिक जरुरी संविधान का सम्मान, सारण के सांसद ने तेजस्वी और ममता बनर्जी पर साधा निशाना...

rajiv pratap rudy

पटना: पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष चुनाव और वहां चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीति काफी गर्म है। इसी कड़ी में सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पश्चिम बंगाल में SIR पर उठाये जा रहे सवाल को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा वहीं उन्होंने बिहार में शराबबंदी से जुड़े एक सवाल के जवाब को टाल गए।

पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वरा SIR की वजह से मृतकों के परिजन को होमगार्ड की नौकरी दिए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में जा चुका है। मुख्यमंत्री खुद भी सर्वोच्च न्यायालय में खड़ी हुई थी लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट अगर हस्तक्षेप नहीं करता है तो फिर राज्यों को संवैधानिक दायरे में रहना चाहिए और उसी हिसाब से टिप्पणी करनी चाहिए। रूडी ने कहा कि किसी भी मामले में राजनीतिक बयानबाजी से अधिक जरुरी कानून और संविधान का सम्मान करना जरूरी है।

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इस दौरान सांसद रूडी ने CAG रिपोर्ट का हवाला दे कर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया और कहा कि लालू और राबड़ी देवी के 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार से गरीबों का पलायन हुआ और वही लोग दिल्ली समेत अन्य महानगरों में झुग्गी में रहने को मजबूर हुए। अब केंद्र और राज्य की सरकार ने उन्हें उनके गांव में घर दिया तो उन्हें इस मामले में भी आपत्ति है। रूडी ने दावा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 10 करोड़ लोगों को घर देने का है और अगर कहीं कमी है तो उसे सुधारा जायेगा। उन्होंने तेजस्वी के आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताते हुए कहा कि कब तक झूठ की बुनियाद पर राजनीति करेंगे।

इस दौरान सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में कोर्ट से बरी किये जाने के सवाल पर कहा कि यह न्यायालय का मामला है और इस पर किसी भी राजनीतिक दल को प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। उन्हें न्यायालय ने बरी किया है तो इस पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन शराबबंदी और चुनावी चंदे के सवाल को टाल दिया और आगे बढ़ गये।

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