तेजस्वी  के वादों की और नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार में रोज़गार की बहार हैं ।

शिक्षा विभाग ने रिकॉर्ड 70 दिनों के अन्दर 2 लाख 17 हज़ार शिक्षकों को हमने नौकरी दी।


*भाजपा खुद को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताती हैं लेकिन नौकरी देने में तो विश्व रिकॉर्ड तो हमने बनाया हैं ।*

विश्व में कहीं भी इतने कम दिनों में इतनी ज़्यादा नौकरी नहीं दी गईं हैं और मैं भाजपा को चैलेंज करता हों इसको लेकर।

बिहार ने जातीय जनगणना करके नज़ीर पेश किया हैं और पिछड़ी जातियों के लिए हमारी सरकार ने 75 % आरक्षण दिया हैं ।

बीजेपी कहती थीं कि आगर भगवान भी आएँगे तो इन 4 लाख लोगों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया जाएगा ।

तेजस्वी जी के 15 महीने पहले की 10 साल की सरकार पर भारी हैं ।

मोदी सरकार ने 10 साल में सिर्फ़ 7 लाख के आसपास नौकरी दी ।यह आकड़ा भरत सरकार का ही हैं । जिसको संसद में मंत्री जितेन्द्र सिंह ने पेश किया था ।

तेजस्वी और नीतीश की सरकार जो कहती हैं वाह करती हैं । 

किसानों कि आय अभी तक दुगुनी नहीं हुई हैं । 

15 महीना बनाम 10 साल पे भाजपा चर्चा कर ले । 

तेजस्वी का 15 महीने का कार्यकाल बिहार का स्वर्णिम काल हैं ।हमलोग बिहार में बेहतर शिंक्षा डे रहें हैं ।अब बिहार के लोगों को 10 लाख से भी ज़्यादा रोज़गार दी जा रहीं हैं ।

बीजेपी के सवाल पर 

उनके समय की वैकेंसी थी तो उन्होंने अपने समय में क्यों नहीं दिया । 

बीजेपी अपनी नाकामी हमारे सिर पर क्यों थोप रहीं हैं । 

बिहार का जो मॉडल हैं वह देश का मॉडल होना चाहिए ।