सहानुभूति नहीं, अवसर चाहिए: दिव्यांगजनों के लिए सरकार प्रतिबद्ध - मदन सहनी
पटना: राज्य में दिव्यांजन महोत्सव 2026 के अवसर पर दिव्यांग कलाकारों ने अपने हुनर एवं कलात्मक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। समाज कल्याण विभाग के दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय की ओर से शुक्रवार को पटना स्तिथ राष्ट्रीय नृत्य कला मंदिर में इसका आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने किया। इस दौरान उन्होंने नवस्वीकृत दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत 71वीं बीपीएससी संयुक्त (प्रारंभिक) परीक्षा में उत्तीर्ण 65 अभ्यर्थियों को डीबीटी के माध्यम से कुल 32 लाख 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। साथ ही पटना जिले के दस लाभार्थियों को सहायक उपकरण एवं बैट्री चालित ट्राईसाईकिल भी दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति के बजाय अवसर और सम्मान की जरूरत है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उनकी रचनात्मक उत्कृष्टता को मंच प्रदान करना है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के स्वावलंबन और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2025-26 में दो नई योजनाएं शुरू की गई हैं, दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना। इसके अलावा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन छत्र योजना 'संबल' के तहत सहायक उपकरणों (विशेषकर बैट्री चालित ट्राइसाइकिल) की पात्रता शर्तों में संशोधन भी किया गया है। इन उपकरणों की बदौलत दिव्यंगजनों को बल मिला है, जिससे उन्हें शिक्षा और रोजगार प्राप्त करना आसान हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढाते हुए 8 विशेष आवासीय विद्यालयों को 10+2 स्तर तक उन्नत किया जा रहा है और प्रमंडल स्तर पर नए विशेष आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।
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मौके पर सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि राज्य में पहली बार दिव्यांगजन महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए मंच प्रदान करना है। साथ ही यह भी बताना है कि वे किसी भी क्षेत्र में सामान्य नागरिकों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में दिव्यांगजनों ने शिक्षा, कला, खेल और प्रशासनिक क्षेत्र में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो सभी के लिए प्रेरणादायक है।
महोत्सव में मौजूद प्रमुख दिव्यांग हस्तियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शैलेश कुमार (अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलीट, हाई जंप - वर्ल्ड चैंपियन) गोल्डी कुमारी (अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलीट, शॉट पुट, डिस्कस थ्रो एवं जैवलिन थ्रो) दिवाकर शर्मा (सा रे गा मा पा फेम, गायक) जैसे ही अन्य दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, इच्छाशक्ति और साहस से हर चुनौती पार कर सकते हैं। विभाग उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्वावलंबन के लिए लगातार प्रयासरत है। पिछले एक वर्ष में विभाग ने कई पहल की, जैसे राज्यव्यापी दिव्यांगजन खेल प्रतियोगिता 2025, अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2025 पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यक्रम।
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के निदेशक योगेश कुमार सागर ने कहा कि यह महोत्सव दिव्यांग कलाकारों को उनकी कलात्मक क्षमता और हुनर के प्रदर्शन के लिए एक नया अवसर प्रदान करेगा। निदेशालय की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं खेल-कूद आयोजन के साथ-साथ नई योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया है, जिसका प्रभावी रूप से क्रियान्वयन हो रहा है।
दिव्यांगजन महोत्सव में राज्य के दिव्यांग कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सा रे गा मा पा फेम दिवाकर शर्मा के मधुर गायन के अलावा पटना स्तिथ गायघाट के राजकीय मूक-बधिर बालिका विद्यालय, पटना स्तिथ महेंद्रु के बालक विद्यालय और आशादीप विकलांग पुनर्वास केंद्र की छात्राओं-छात्रों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया| इनके अलावा उमंग बाल विकास संस्थान के बच्चों ने देशभक्ति गीत, बधिर महिला फाउंडेशन ने गणेश वंदना, दिव्यांग विकास मंच व प्रगति-किलकारी पटना ने गायन कर समां बांधा| नवल किशोर शर्मा एवं उनकी टीम ने लोक संगीत, गायन के साथ आकर्षक फैशन शो का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
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