मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन हुए हैरान करने वाले नज़ारे, छात्राओं और छात्रों ने तोड़ दिए नियम!
बिहार में वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 आज से शुरू हो गई है। पूरे राज्य में कुल 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें करीब 15.12 लाख विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इसमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त तरीके से कराने के लिए कड़ा इंतजाम किया गया है।
बाढ़ अनुमंडल में कुल 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये सभी केंद्र छात्राओं के लिए हैं। परीक्षा केंद्रों में अनुग्रह नारायण सिंह +2 स्कूल, बाढ़, सैयद नेहाल अहसन कॉलेज, संत जोसेफ +2 कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल, राज्य संपोषित बालिका +2 उच्च विद्यालय बाढ़, जगन्नाथन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लक्ष्मी नारायण राजवंशी हाई स्कूल ढिबर, श्री गणेश हाई स्कूल बख्तियारपुर और मंजू सिन्हा परियोजना हाई स्कूल बख्तियारपुर शामिल हैं। यहाँ कुल 7,879 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
यह भी पढ़ें: 2026 वैलेंटाइन: फूल और चॉकलेट पीछे, कंडोम की मांग तीन गुना बढ़ी!
सभी केंद्रों पर सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है। हर केंद्र पर पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात हैं। केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। छात्रों की फ्रिस्किंग के लिए अस्थाई कक्ष बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। हालांकि, कई जगह छात्र परीक्षा सेंटर में प्रवेश के लिए दीवार फांदते दिखे। पटना, बक्सर और बेगूसराय में कुछ छात्राएं सेंटर की दीवार कूदकर अंदर गईं। मुंगेर में छात्रों ने पेंट में चिट छिपाकर परीक्षा देने की कोशिश की। नालंदा में कुछ छात्राएं नंगे पैर परीक्षा देने पहुंचीं। दरभंगा और मुजफ्फरपुर में छात्राओं के बुर्के उतरवाए गए।
यह भी पढ़ें: पटना जा रही स्कूल बस पर बड़ा हादसा, 10 बच्चे और 4 शिक्षक घायल – जानिए पूरी घटना!
पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे शुरू होगी। पहले दिन मातृभाषा (हिंदी, बंगला, उर्दू, मैथिली) की परीक्षा होगी। परीक्षा 25 फरवरी को समाप्त होगी। इस बार परीक्षा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन पर खास ध्यान दिया गया है ताकि सभी विद्यार्थी सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा दे सकें।