विधान परिषद परिसर में RJD MLC करवा सकते हैं शराब की डिलीवरी, कहा 'भ्रष्टाचार के बिना योजना की कल्पना...'
पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ से शराबबंदी पर लगातार आवाजें उठ रही है। दोनों ही पक्ष शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग कर रही है जबकि सरकार की तरफ से जवाब दिया गया है कि इससे पहले कई बार समीक्षा की जा चुकी है और आगे भी जरूरत के अनुसार समीक्षा की जाएगी। यह मामला बुधवार को भी उपरी सदन में गूंजा और विपक्षी MLC ने शराबबंदी की आड़ में भ्रष्टाचार का हवाला दे कर तीखे सवाल दागे।
मीडिया से बात करते हुए राजद MLC सुनील सिंह ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार के बिना किसी भी योजना की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस दौरान उन्होंने शराबबंदी कानून को लेकर बोलते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से विफल है। हर जगह शराब की होम डिलीवरी हो रही है और अगर सरकार को इसका प्रमाण चाहिए तो मैं 27 फरवरी को सदन परिसर में शराब की डिलीवरी करवा कर दिखा सकता हूँ।उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद खपत कम नहीं हुई बल्कि इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई।
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राजद MLC सुनील सिंह ने दावा करते हुए कहा कि बिहार में अब सुखा नशा का असर काफी फल फूल रहा है। राज्य के युवा नशे के आदी बनते जा रहे हैं और यह सच बहुत दिनों तक छिपी नहीं रहने वाली है। इस दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से बिहार में शराब की होम डिलीवरी हो रही है उसी तरह भ्रष्टाचार की भी डिलीवरी हो रही है। सिर्फ कानून बना देने से जमीन पर बदलाव नहीं आता है। कोई व्यक्ति चाहा कि हम शराबबंदी कर देंगे तो राजा राममोहन राय की तरह याद किये जायेंगे लेकिन धरातल पर कुछ भी लागू नहीं है। सरकार की कई नीतियाँ सिर्फ कागजों तक ही सिमटी है।
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