पटना: एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा का शपथ लेने के लिए दिल्ली में हैं जहां उन्हें उप राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को सुबह ही बिहार विधानसभा परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। भारी संख्या में पुलिस बल विधानसभा परिसर के चप्पे चप्पे की तलाशी में जुटे हुए थे। इस दौरान उनके साथ बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीम भी मौजूद थी। यह गहमागहमी किसी राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि विधानसभा को बम से उड़ाए जाने की धमकी के कारण थी।
दरअसल शुक्रवार की सुबह करीब 9:36 बजे विधानसभा के सचिव के आधिकारिक ईमेल पर एक मेल आया कि विधानसभा परिसर में साइनाइड और गैस के साथ मिलाये गए 13 RDX IED धमाके के लिए तैयार है। दोपहर करीब 2:15 बजे धमाका होगा इससे पहले परिसर से सभी आम लोग के साथ ही विधायकों को बाहर निकाल लें। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद विधानसभा परिसर समेत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। हालांकि तलाशी के दौरान परिसर में कुछ भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुआ।
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धमकी भरे ईमेल में लिखा था कि बांग्लादेश के अबू सईद से लेकर तमिलनाडू के साथनकुलम में बेनिक्स और जयराज मामले तक, और यहां कि तमिलनाडू के हालिया अजीत कुमार कस्टोडियन मामले में भी, जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई, वे असल में बेकसूर थे। इसलिए असली दोषी वे राजनीतिक आका और पुलिस प्रमुख हैं, तमिलनाडू के मंत्रियों के इशारे पर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर दबाव डालते हैं कि वे इस तरह की हिरासत में यातनाएं दें या गैर-क़ानूनी आदेशों का पालन करें।
आज आपकी बिहार विधानसभा में हुआ धमाका चेन्नई में पुलिस सुधार लाने के लिए एक सबक बने-विशेष रूप से 1979 की नैनार दास पुलिस कांस्टेबल यूनियन की सिफारिशों को पूरे भारत में, खास कर तमिलनाडू पुलिस बल में लागू करने के लिए। यदि पुलिस कांस्टेबलों के लिए- जो बल का सबसे निचला तबका है-कोई यूनियन काम करें तो उनके पास ऐसे गैर-क़ानूनी आदेशों को मानने से इंकार करने का अधिकार होगा। हम, 'तमिल लिबरेशन आर्गेनाइजेशन' साथनकुलम मामले में कांस्टेबलों से लेकर इंस्पेक्टरों तक के पुलिसकर्मियों को दी गई दोहरी मौत की सजा की कड़ी निंदा करते हैं, और इसके साथ ही, हम विभाग के असली दोषियों - यानि सबसे वरिष्ठ IPS अधिकारियों और राजनीतिक कचरे-के खिलाफ युद्ध की घोषणा करते हैं। आपकी विधानसभा में हुआ यह धमाका तमिलनाडु के राजनीतिक अपराधियों और उनके गुलाम बने IPS अधिकारियों के लिए भी एक सबक बने।
बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पटना पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई और आनन फानन में डॉग तथा बम स्क्वाड की टीम परिसर में पहुंची। चप्पे चप्पे की सघन तलाशी की गई साथ ही पूरा परिसर खाली करवा लिया गया। हालांकि इस दौरान कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ लेकिन पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। ईमेल किसने और कहां से भेजी है पुलिस साइबर पुलिस की मदद से यह भी पता लगाने में जुट गई है।
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