पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार को TRE-4 अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। गांधी प्रतिमा के सामने जुटे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने तीन दिन के भूख हड़ताल की घोषणा करते हुए आयोग को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर तय समय के भीतर विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। इस ऐलान के बाद आंदोलन ने और भी गंभीर रूप ले लिया है।
यह भी पढ़ें : शराबबंदी पर आमने-सामने तेजस्वी और जदयू, अब परिवार तक पहुंची सियासत!
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। “सरकार ने सत्ता में आने से पहले एक करोड़ नौकरियों का वादा किया था और बजट में भी इसका जिक्र हुआ, लेकिन अब तक 46 हजार पदों के लिए भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है,” उन्होंने कहा।
यह भी पढ़ें : बिहार में छिपा ‘मिनी कश्मीर’… 100 रुपये में मिल रहा डल झील जैसा नजारा
अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार देरी के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई उम्मीदवार उम्र सीमा को लेकर भी चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अभ्यर्थियों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा।