पटना में दो तस्वीरें: एक ओर चिराग पासवान की जश्न-ए-होली, दूसरी ओर राबड़ी आवास पर पसरा सियासी सन्नाटा
पटना में इस बार होली का रंग राजनीतिक संदेशों से भी सराबोर नजर आया। एक ओर जहां Chirag Paswan ने अपनी पार्टी Lok Janshakti Party (लोजपा) के प्रदेश कार्यालय में होली मिलन समारोह का आयोजन किया, वहीं दूसरी ओर Lalu Prasad Yadav के राबड़ी आवास पर सन्नाटा पसरा रहा। यह विरोधाभास बिहार की राजनीति के बदलते दौर की तस्वीर भी पेश करता है।
लोजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में चिराग पासवान की माता सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। माहौल उत्साह और आत्मीयता से भरा था। रंग-गुलाल के बीच चिराग पासवान ने सभी को होली की शुभकामनाएं दीं और अपने दिवंगत पिता को भावुक होकर याद किया। उन्होंने कहा कि पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने और समाज को जोड़ने का माध्यम भी है। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था।
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इसके उलट, राबड़ी आवास पर इस बार वैसी रौनक नहीं दिखी, जैसी कभी लालू प्रसाद यादव के समय हुआ करती थी। बिहार की राजनीति में एक दौर था जब लालू यादव की होली पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनती थी। ढोल-नगाड़ों, फगुआ गीतों और समर्थकों की भीड़ के बीच वे जमकर जश्न मनाते थे। एक पुरानी तस्वीर में लालू यादव, Pappu Yadav और समर्थक एक साथ रंगों में सराबोर नजर आते हैं—जो आज एक याद बनकर रह गई है।

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राजनीति का यही स्वभाव है—समय बदलता है, चेहरे बदलते हैं और परंपराएं भी नए संदर्भ गढ़ती हैं। इस बार की होली ने बिहार की सियासत में पीढ़ियों के बदलाव और बदलते राजनीतिक परिदृश्य को भी उजागर कर दिया।