बिहार सरकार किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दास्त नहीं करेगी, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कर्मियों को दी स्पष्ट चेतावनी...
पटना: बिहार में सरकार किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मामले में उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है कि सरकारी सेवा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, कूटरचना या फर्जी प्रमाण पत्र के लिए शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी व्यक्ति धोखाधड़ी कर सेवा में आया है उसके विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय प्रशासनिक शुचिता और व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया आवश्यक कदम है।
दरअसल शुक्रवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज को बर्खास्त कर दिया गया है। उनके बारे में यह सामने आया था कि उन्होंने दो नाम और दो जन्मतिथि से मैट्रिक की परीक्षा दी थी जिसके सामने आने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 2006 का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था। विभागीय अभिलेखों के अनुसार मधुबनी के झिक्की गांव निवासी प्रिंस राज ने दो अलग अलग नाम से मैट्रिक की परीक्षा दी थी। उन्होंने एक बार 2004 में तथा 2006 में परीक्षा दी थी। उन्होंने अपनी आयु और शैक्षणिक अर्हता पूर्ण करने के लिए जालसाजी के तहत इन्ही दस्तावेजों का उपयोग किया था। मामले की जांच के दौरान विशेष निगरानी इकाई ने मामला दर्ज किया जिसके बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 1 अगस्त 2025 में 2006 में प्राप्त सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया।
यह भी पढ़ें - IGIMS में और भी बेहतर होंगी सुविधाएं, 12 बेड के नए अस्पताल भवन का CM ने किया निरीक्षण...
इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य मांगा जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि यदि अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में त्रुटी अथवा प्रतिकूल तथ्य पाए जाते हैं तो सेवा बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है। इसी प्रावधान के तहत यह निष्कर्ष निकाल गया कि संबंधित अधिकारी सेवा में बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। इस मामले में अब उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि वर्तमान सरकार में चाहे कुछ भी हो जाये किसी भी प्रकार की जालसाजी चलने नहीं दी जाएगी। बता दें कि पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज ने 2019 में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पश्चिम चनपटिया में पहली पोस्टिंग में राजस्व अधिकारी बनाये गए थे।
यह भी पढ़ें - चुनावों में आयेंगे और बिहार को बदनाम कर चले जायेंगे, तेजस्वी ने कहा 'अब जवाब दें बयान बहादुर'