New Delhi : तूफान मिल्टन ने अमेरिका में कोहराम मचाया है। इसका सबसे अधिक असर फ्लोरिडा में दिखा। यहां 20 लाख लोग अपना घर छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। 4300 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बता दें, तूफान मिल्टन फ्लोरिडा के पश्चिमी तट से टकराया है। इससे फ्लोरिडा में कई बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो गईं। लाखों घरों की छत गायब हो चुकी है। घरों के सामान बिखरे पड़े हैं।
बाढ़ आने से मगरमच्छ और सांप का भी खतरा
तूफान बाद भारी बारिश होने के कारण आई बाढ़ की वजह से फ्लोरिडा के कई इलाकों में मगरमच्छ और सांप आ गए हैं। सरकार ने लोगों से खुद को सुरक्षित रखने की अपील की है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि तूफान बीतने के बाद टूट चुके बिजली के तारों और मलबे से खतरा है। रिपोर्ट्स के अनुसार 32 लाख घरों की बिजली चली गई है। अमेरिकी इतिहास में छठी बार एक साल के अंदर तीन तूफानों ने फ्लोरिडा में दस्तक दी है।
कुदरत का कहर नहीं, सोची-समझी साजिश!
गौरतलब है कि पूर्व में मिल्टन तूफान को तूफानों की सबसे विनाशकारी श्रेणी-5 में रखा गया था। इस श्रेणी के तूफानों से हमेशा जान-माल का बड़ा नुकसान होता रहा है। बाद में इसकी कैटेगरी को कम कर 3 किया गया। अमेरिका में इस तूफान को लेकर कई कंस्पिरेसी थ्योरीज हैं। बताया जा रहा कि कथित तौर पर मिल्टन कुदरत का कहर नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है, ताकि अमेरिकी चुनावों पर असर पड़े।