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केरल में कोविड के 300 नए केस, आंकड़ों ने डराना किया शुरु, क्या कहना है WHO की पूर्व चीफ साइंटिस्ट का ?

देश में एक बार फिर कोरोना के मामले डराने लगे हैं. दिन-प्रतिदिन कोरोना के केस में बढोतरी हो रही है. इसके साथ ही जिस तरह से कोरोना के आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह चिंता का विषय बन गया है. कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के सब-वेरिएंट जेएन.1 ने देश में फिर से तहलका मचाना शुरु कर दिया है. बात कर लें करेंट आंकड़ों की तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा एक रिपोर्ट साझा किया गया है. जिसके मुताबिक, केरल में कोविड-19 के 300 नए मामले सामने आए हैं. जिसके बाद से देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों से सतर्क रहने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है.  

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया आंकड़ा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि दक्षिणी राज्य केरल में 20 दिसंबर को कोविड के 300 नए केस रिपोर्ट हुए और इस दौरान 3 लोगों की मौत हुई. इस तरह देश में कोविड-19 के एक्टिव केस की संख्या 2669 हो गई है. देश के कुछ और राज्यों में भी कोविड केस रिपोर्ट हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोविड के 358 नए केस सामने आए हैं. केरल में सामने आए 300 नए केस के अलावा, कर्नाटक में 13; तमिलनाडु में 12; गुजरात में 11; महाराष्ट्र में 10; तेलंगाना में 5; उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पुडुचेरी में 2; आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में एक-एक केस रिपोर्ट किए गए हैं. पंजाब में एक और कर्नाटक में दो लोगों की मौत हुई है. इस तरह पिछले 24 घंटे में छह लोगों की कोविड से जान गई है. 

क्या कहना है WHO की पूर्व चीफ साइंटिस्ट का ?

इधर, कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के सब-वेरिएंट जेएन.1 के एक्टिव होने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामिनाथन ने चेताया है कि, जैसे-जैसे कोविड के मामले बढ़ेंगे, वैसे-वैसे अस्पताल में भर्ती होने की दर यानी हॉस्पिटलाइजेशन भी बढ़ेगा. उन्होंने ने चेतावनी दी है कि, कोविड को सामान्य सर्दी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका लंबा प्रभाव हो सकता है, जिसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, उनका ये भी कहना है कि शायद हमें बहुत ज्यादा हॉस्पिटलाइजेशन देखने को भी नहीं मिला, क्योंकि भारत में वैक्सीनेशन रेट ज्यादा है. हेल्थकेयर सिस्टम भी 2020 के बाद से काफी सुधर गया है. इसके साथ ही उन्होंने सलाह भी दिया कि, करेंट सिचुएशन को देखते हुए अभी से ही तैयारी करनी होगी और सावधानी बरतना शुरू करना होगा

एक्सपर्ट्स भी दे रहे हैं सलाह

इस बीच एक्सपर्ट्स की माने तो, वायरस से बचने के लिए एहतियाती उपाय का पालन करने को कहा है. उनका कहना है कि, नए वेरिएंट का उभरना हैरानी की बात नहीं है और इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है. लोगों के बीच कोविड के नए वेरिएंट को लेकर ही सबसे ज्याद टेंशन है. इधर, लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाना शुरू कर दें. अस्पतालों या भीड़भाड़ वाली जगहों से लौटने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. कोशिश करें कि, अपने साथ सैनिटाइजर रखें, ताकि लगातार हाथों को साफ किया जाता रहे. कोविड की पिछली दो लहरों में देश में काफी लोगों को जान गंवानी पड़ी. लेकिन, इस बार वैक्सीनेशन की दर ज्यादा होने की वजह से कोविड से ज्यादा खतरा भी नजर नहीं आ रहा है.