पश्चिम चंपारण: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही अवैध अतिक्रमण पर लगातार बुलडोजर कार्रवाई जारी है। इस बीच बीते दिनों बेतिया राज की संपत्ति को बिहार सरकार की संपत्ति घोषित किये जाने के बाद अब इन संपत्ति से अवैध अतिक्रमण हटाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। बीते दिनों जिला प्रशासन ने बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों को जल्द ही जगह खाली करने का नोटिस जारी किया था। जिला प्रशासन के नोटिस के बाद अब बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है।
बेतिया राज की जमीन पर बसे करीब साढ़े तीन सौ परिवार में डर का माहौल बन गया है जबकि लोगों में सड़क पर आ जाने की चिंता भी सता रही है। लोगों ने कहा कि बेतिया राज की तरफ से उनके पुरखों को करीब 100 से 125 वर्ष पूर्व यह जमीन बसने के लिए दिया गया था। इस इस दौरान उन लोगों ने कई बार बाढ़ और आग की विभिषका झेली जिसमें उनके सारे कागजात नष्ट हो गए। अब जिला प्रशासन इस जमीन को खाली करने या जमीन का कागजात दिखाने के लिए कह रहा है। अगर हमलोगों को यहां से जबरदस्ती हटा दिया गया तो फिर हमलोग बर्बाद हो जायेंगे।
लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से जगह खाली करने का निर्देश दिया है और खाली नहीं करने की स्थिति में जबरन जमीन खाली करवाने की भी बात कही है। लोगों ने कहा कि उनलोगों ने अपनी पूरी कमाई लगा कर घर बनाया और अब बुलडोजर कार्रवाई का डर सता रहा है। अगर उनका घर तोड़ दिया गया तो वे लोग सड़क पर आ जायेंगे। लोगों की मांग है कि अब इस जमीन से उन्हें हटाये जाने के बदले लीज पर या नीलामी के जरिये वही जमीन आवंटित किया जाये ताकि वे लोग अपने परिवार के साथ गुजर बसर कर सकें। वे लोग गरीब मजदूर वर्ग के लोग हैं और उनके पास कोई दूसरा ठिकाना नहीं है।
वहीं इस मामले में भितहा के अंचलाधिकारी मनोरंजन शुक्ला ने कहा कि बेतिया राज की जमीन का सर्वे करवा कर उसे राज्य सरकार की संपत्ति घोषित कर दी गई है। अब इस जमीन पर बेतिया राज प्रबंधन को अंतिम फैसला लेना है और आगे की कार्रवाई भी उसी फैसले पर निर्भर करता है।
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