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भारत ही नहीं दुनियाभर में कोरोना ने बजाई खतरे की घंटी! क्या फिर से आएगी कोरोना की लहर?

भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस एक बार फिर से पैर पसार रहा है. WHO के अनुसार महीनेभर में दुनियाभर में कोविड के 52 फीसदी मामले बढ़ गए हैं. वहीं भारत में भी पिछले कुछ दिनों से इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है. नए वैरिएंट JN.1 ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. वहीं लोगों के अंदर कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर काफी डर का माहौल बन हुआ है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने शनिवार को कहा कि पिछले एक महीने के दौरान विश्व स्तर पर कोविड-19 के नए मामलों में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, भारत में शनिवार सुबह तक 24 घंटे में कोविड-19 के 752 नए मामले दर्ज किए गए. देश में 21 मई 2023 के बाद से एक दिन में सामने आए कोरोना वायरस संक्रमण के ये सबसे अधिक मामले हैं. इससे इस सीजन में कोविड के मरीजों की संख्या बढ़कर 3,420 हो गई. वहीं, देश में इस संक्रमण से चार लोगों को जान गंवानी पड़ी.

विश्व स्तर पर कुछ ऐसा है कोविड का हाल

यूएन हेल्थ बॉडी ने शुक्रवार को अपडेट करते हुए बताया कि 20 नवंबर से 17 दिसंबर तक यानी 28 दिनों में दुनिया भर में कोविड के 8.50 लाख से अधिक नए केस दर्ज किए. इस अवधि में इस संक्रमण से 3,000 से अधिक मरीजों की मौत के साथ इस आंकड़े में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 17 दिसंबर तक विश्व स्तर पर कोविड के 772 मिलियन से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है, वहीं लगभग सात मिलियन मौतें दर्ज की जा चुकी हैं. दुनिया में 13 नवंबर से 10 दिसंबर के दौरान 1 लाख 18 हजार से अधिक कोविड के नए मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए और 1,600 से अधिक नए मरीजों को ICU में भर्ती कराया गया. कोविड को लेकर लगातार रिपोर्ट करने वाले देशों में वर्तमान रिपोर्ट में 23 प्रतिशत और पिछली रिपोर्ट में 51 प्रतिशत की ओवरऑल वृद्धि दर्ज की गई.

ओमिक्रॉन का वेरिएंट JN.1 तेजी से फैल रहा है

WHO ने पिछले सप्ताह JN.1 को ओमिक्रॉन के BA.2.86 वेरिएंट का एक सब वेरिएंट बताया था. इसे मूल वेरिएंट BA.2.86 से सेपेरेट वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) के रूप में नामित किया, क्योंकि हाल के सप्ताहों में इसकी वृद्धि तेजी से हुई है. हालांकि, EG.5 विश्व स्तर पर सबसे अधिक रिपोर्ट किया जाने वाला VOI बना हुआ है. वहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 9,200 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले 28 दिनों की तुलना में 388 प्रतिशत की वृद्धि है.

इस बीच किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि नया कोरोना वेरिएंट JN.1 चीन से फिर से आया है. भारत में केरल और अन्य राज्यों में कोविड के नए वेरिएंट JN.1 के मरीज मिले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस नए वेरिएंट JN.1 से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. कोरोना वायरस ने पहले भी कई बार अपना स्वरूप बदला है, इसलिए सावधानी बरतकर इस वेरिएंट से भी अपने आप को सुरक्षित रखा जा सकता है.

देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए बिहार में नीतीश सरकार भी अलर्ट है और अब पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्ट पर रैंडम जांच के आदेश दिए हैं. अस्पतालों में भी ऑपरेशन से पहले कोविड जांच के अनिवार्य कर दी है. कोरोना के नये वैरिएंट जेएन 1 की वजह से पीएमसीएच में सतर्कता बढ़ा दी गई है. पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में एंटीजन किट से कोरोना जांच करने के बाद मरीजों को भर्ती किया जाएगा. शनिवार को पीएमसीएच प्रशासन द्वारा इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिया गया है. इसी तरह पटना एम्स, आईजीआईएमएस में ऑपरेशन से पहले व लक्षण वाले मरीजों की कोविड जांच अनिवार्य कर दिया गया है. उधर पटना एयरपोर्ट पर भी कोविड जांच टीम की तैनाती कर दी गई है.

आपको बता दें हाल ही में राज्य में कोराना पॉजिटिव दो नए मरीज मिले थे। जिसमें कोविड के लक्षण मिले थे. दोनों की ट्रैवल हिस्ट्री केरल और असम की थी.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश

अस्पताल आने वाले बुखार, खांसी, सांस रोगियों के पीड़ितों की कोविड जांच जांच कराई जाए.

बुखार, खांसी एवं सांस रोगियों का विवरण आईएचआईपी पोर्टल पर अपलोड करें.

अस्पतालों में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड क्रियाशील रहें.

दवा, चिकित्सक, ऑक्सीजन उपकरण, रिएजेंट की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें.

अस्पताल परिसर में मास्क और सेनेटाइजर की उपलब्धता और उपयोग सुनिश्चित करें.

निजी अस्पतालों और लैब से रिपोर्ट लें. सिविल सर्जन इस पर नजर रखें.

पटना, गया एवं दरभंगा एयरपोर्ट पर कोरोना की रैंडम जांच सुनिश्चित करें.

डरने की नहीं एहतियात बरतने की जरूरत

यह वायरस आसानी से फैलता है, इसलिए कोविड-19 महामारी के दौरान फॉलो किए जाने वाले सभी सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना शुरू करें.

1. बिना मास्क लगाए घर से बाहर न निकलें.ताकि वायरस हवा के जरिए आपको संक्रमित न कर सके.

2. हाइजीन का खास ख्याल रखें हाथों को बार-बार धोएं, किसी भी चीज को छूने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

3. लोगों से बात करते समय डिस्टेंसिंग बनाए रखें.

4. शादी पार्टियों में शामिल होने से बचें और लोगों से हाथ न मिलाएं. इसके साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें.लक्षण दिखने पर जांच कराए.