Patna City :-इंजेक्शन लगते ही बच्चे की हुई मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा मचाया। पीड़ित परिजन डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधीक्षक कार्यालय के समीप हंगामा मचाया। मामला सूबे के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल एनएमसीएच के ऑर्थो विभाग से जुड़ा है।
मृतक के पिता राजीव कुमार ने बताया कि वह समस्तीपुर जिला के पटौरी थाना क्षेत्र के धमौला, उतरी पंचायत के रहनेवाले हैं। वह अपने सात वर्षीय बेटे रामायण कुमार का पैर का इलाज को लेकर पांच फरवरी को अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में डॉ राजीव कुमार की यूनिट में भर्त्ती कराया था। डॉक्टर ने जांच पड़ताल व कुछ जांच कराने के बाद कहा कि कोई बीमारी नहीं है। मामूली ऑपरेशन है। जिसे शनिवार को कर दिया जाएगा। लेकिन तीन शनिवार बीत जाने पर भी जब ऑपरेशन नहीं हुआ उसने डॉक्टर से कहा कि जब ऑपरेशन नहीं होगा तो हमें जांच रिपोर्ट व अन्य कागजात दे दीजिए, जिस पर डॉक्टर ने कहा कि कागज नहीं दी जाएगी। शनिवार को ऑपरेशन होगा। पीड़ित पिता ने बताया कि शनिवार को ऑपरेशन के पहले जैसे ही नर्स ने उनके बेटे रामायण को इंजेक्शन दिया, उसने दम तोड़ दिया।
पीड़ित पिता ने जहर की इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की। बच्चे की हुई मौत से माता-पिता समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अस्पताल अधीक्षक प्रो डॉ अलका सिंह ने बताई कि हर ऑपरेशन के पहले मरीज को कुछ इंजेक्शन दिया जाता है। इसी क्रम में बच्चे को भी इंजेक्शन दिया गया जो रियेक्शन कर गया। अधीक्षक ने बताया कि यह रियेक्शन अमूनन हर मरीज के साथ होता है लेकिन कम होता है। मृतक बच्चे को रियेक्शन ज्यादा हुआ। उसे बचाने के लिए एविल, डेकसोना समेत जो भी संभव इंजेक्शन था, उसे दिया गया, बावजूद बच्चे को नहीं बचाया जा सका। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने मृतक के परिजन के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। यदि गलती होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
पटना सिटी से मुकेश की रिपोर्ट